TA Meaning in Hindi | What is TA and DA: विस्तार से जाने Travelling Allowance, Daily Allowance और TA Rules के बारे में।


Travelling Allowance का भुगतान सरकारी और सार्वजनिक (PSU) दोनों Sectors के कर्मचारियों को किया जाता है। लेकिन इस लेख में केवल सरकारी कर्मचारियों के संदर्भ में Travelling Allowance के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई है।

सरकारी कर्मचारियों को कई तरह के Allowances मिलते हैं और उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण है Travelling Allowance.

लेकिन यह कर्मचारी के वेतन का हिस्सा नहीं होता है। यह उस कर्मचारी को तब तक नहीं मिलता है जब तब उसने कोई आधिकारिक यात्रा ना की हो। अर्थात यह एक compensatory allowance है।

इस तरह यह आधिकारिक ड्यूटी के दौरान यात्रा खर्च पर एक प्रतिपूर्ति प्रणाली (Reimbursement System) है।

Travelling Allowance के अंतर्गत सरकारी कर्मचारी को दो तरह के व्यय का भुगतान किया जाता है। एक है आने-जाने में हुए व्यय यानी यात्रा व्यय के बदले भुगतान और दूसरा है ड्यूटी के दौरान खाने-पीने और ठहरने (Accommodation) में हुए व्यय के बदले भुगतान।

इन दोनों व्यय के बदले होने वाले भुगतान को अक्सर TA/DA Allowance कहा जाता है।

तो आइए और विस्तार से जानते हैं कि TA/DA क्या हैं और इनसे संबंधित Rules क्या-क्या हैं।

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Travelling Allowance और Daily Allowance क्या होते हैं?

जब कोई सरकारी कर्मचारी किसी आधिकारिक यात्रा पर जाता है तो पूरी यात्रा पर व्यय करने के लिए जो Allowance मिलता है उसे Travelling Allowance कहते हैं।

यह Allowance उसे reimbursement के तौर पर मिलता है। यानी कि जब वह कर्मचारी अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर लेता है तो उसे एक Travelling Allowance बिल अपने संबंधित कार्यालय में देना होता है।

जमा किए गए उस बिल के आधार पर कर्मचारी की पात्रता के अनुसार उसके द्वारा हुए व्यय को reimburse कर दिया जाता है।

कभी-कभी जरूरत पड़ने पर वह कर्मचारी Travelling Allowance Advance के लिए भी apply कर सकता है और यात्रा पूरी होने के बाद उसके बिल का final settlement कर दिया जाता है।

यदि कोई कर्मचारी आधिकारिक यात्रा पर होता है और Headquarters से दूर होता है तो उसे ठहरने की आवश्यकता पड़ती है। इसके लिए उसके द्वारा किए गए व्यय के एवज में जो Allowance मिलता है उसे Daily Allowance कहते हैं।

इस तरह Daily Allowance का मतलब है Accommodation और खाने संबंधित व्यय की प्रतिपूर्ति।

होटल खर्च का Reimbursement:

7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 1 जुलाई 2017 से होटल खर्च के लिए claim करने की प्रक्रिया को आसान कर दिया गया है।

अब Pay Level 8 और उससे नीचे के सरकारी कर्मचारियों को होटल खर्च के reimbursement के लिए Travelling Allowance claim के साथ वाउचर प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है।

उन्हें केवल स्व-प्रमाणित Travelling Allowance claim में स्पष्ट रूप से ठहरने की अवधि, होटल का नाम आदि का उल्लेख करना होगा।

साथ ही Pay Level 8 तक के सभी अधिकारियों के लिए ‘X’ क्लास शहरों में ठहरने के लिए होटल खर्च की सीमा अधिकतम 1,000 रुपये प्रति दिन है। लेकिन इसके reimbursement के लिए कर्मचारी को होटल बिल / वाउचर प्रस्तुत करना होगा।

यात्रा खर्च का Reimbursement:

आवास शुल्क (Accommodation Charges) के reimbursement के समान ही Pay Level 8 और उससे नीचे के अधिकारियों के लिए लिए यात्रा खर्च का भुगतान केवल स्व-प्रमाणित दावे (Self-certified claim) के आधार पर वाउचर प्रस्तुत किए बिना ही किया जा सकता है।

Self-certified claim में यात्रा की अवधि, वाहन संख्या आदि का स्पष्ट रूप से उल्लेख होना चाहिए।

Pay Level 11 और उससे नीचे के लिए जो सीमा है वह DA में 50 प्रतिशत की वृद्धि होने पर 25 प्रतिशत और बढ़ जाएगी।

पैदल यात्रा के लिए 12/- रुपये प्रति किलोमीटर का अतिरिक्त भत्ता देय होगा। इस भत्ते में भी 25 प्रतिशत की तब वृद्धि होगी जब DA में 50 प्रतिशत की वृद्धि हो जाएगी।

खाने के खर्च का Reimbursement:

Daily Allowance के अंतर्गत खाने के बिलों का अलग से reimbursement का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बजाय TA claim करने वाले सरकारी कर्मचारी को खाने के खर्च के reimbursement के तौर पर एक lump sum amount दे दिया जाता है।

यह lump sum amount, Pay Level के अनुसार अलग-अलग है। Reimbursement का amount इस बात पर भी निर्भर करेगा कि उस कर्मचारी के अपने मुख्यालय से अनुपस्थिति की अवधि कितनी है।

मुख्यालय से अनुपस्थित होने का Time Restriction-

TA Meaning in Hindi- TA and DA-Travelling Allowance- Daily Allowance - TA Rules

मुख्यालय से अनुपस्थिति की गणना मध्यरात्रि से मध्यरात्रि तक की जाएगी और प्रतिदिन के आधार पर गणना की जाएगी।

अब एक उदाहरण से इसे समझते हैं-
TA Rules के अनुसार Pay Level 8 के अंतर्गत Lump sum amount 800 रुपये प्रतिदिन है।

अब कोई कर्मचारी जिसका Pay Level 8 है और वह सुबह 10 बजे किसी आधिकारिक यात्रा पर जाता है और शाम को 6 बजे अपने मुख्यालय वापस आ जाता है। इस तरह वह अपने मुख्यालय से 8 घंटे अनुपस्थित रहा।

तो उसे खाने में हुए खर्च का reimbursement amount मिलेगा – 800 रुपये का 70% = 560 रुपये।

खाने के खर्च के reimbursement के लिए उसे किसी तरह के वाउचर प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी।

Transfer होने पर Travelling Allowance:

यदि कोई सरकारी कर्मचारी का transfer होता है तो उसको मिलने वाले Travelling Allowance में चार तरह के घटक (components) होते हैं-

1. स्वयं और परिवार के लिए यात्रा पात्रता (Travel entitlement for self and family):

इसके अंतर्गत transfer के दौरान वर्तमान तैनाती स्थान से नए तैनाती स्थान की यात्रा में हुए व्यय को शामिल किया जाता है।

इसमें स्वयं और परिवार की यात्रा में हुए व्यय का reimbursement होता है।

2. Composite Transfer and packing Grant (CTG):

जब कर्मचारी के नए तैनाती की जगह वर्तमान तैनाती की जगह से 20 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित हो तो कर्मचारी को उसके पिछले महीने के मूल वेतन (Basic Pay) के 80% की दर से CTG का भुगतान किया जाता है।

लेकिन अंडमान, निकोबार और लक्षद्वीप के द्वीप क्षेत्रों में स्थानांतरण या उन क्षेत्रों से देश के अन्य भाग में स्थानांतरण के मामले में CTG का भुगतान पिछले महीने के मूल वेतन के 100% की दर से किया जाता है।

यदि पुराने तैनाती स्थान से नए तैनाती स्थान की दूरी 20 किलोमीटर से कम है या वे दोनों स्थान एक ही शहर के भीतर हैं तो CTG का एक तिहाई ही reimbursement होगा। लेकिन यह भी शर्त है कि कर्मचारी ने अपने निवास स्थान में वास्तव में परिवर्तन किया हो।

जब पति और पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हों और दोनों का स्थानांतरण हो:
यदि पहले किसी एक का transfer हो जाता है और दूसरे का transfer छह महीने के भीतर लेकिन 60 दिनों के बाद होता है तो बाद में स्थानांतरित पति या पत्नी को CTG का पचास प्रतिशत भुगतान किया जाएगा।

यदि दोनों स्थानान्तरण 60 दिनों के भीतर होते हैं, तो बाद में स्थानांतरित पति/पत्नी को कोई स्थानांतरण अनुदान स्वीकार्य नहीं होगा। छह महीने या उससे अधिक की अवधि के बाद स्थानान्तरण के मामले में मौजूदा प्रावधान लागू रहेंगे।

3. वैयक्तिक सम्पत्ति (Personal effects) का परिवहन:

नाम से स्पष्ट है कि इसके अंतर्गत घर के सामानों के परिवहन में हुए व्यय का reimbursement किया जाता है।

4. वाहनों (Conveyance) का परिवहन:

इसके अंतर्गत कर्मचारी के निजी वाहनों के परिवहन में हुए व्यय का reimbursement किया जाता है।

सेवानिवृत कर्मचारियों की TA पात्रता:

सेवानिवृत्ति कर्मचारियों के Travelling Allowance में भी वैसे ही 4 घटक शामिल होते हैं जैसा कि स्थानांतरित कर्मचारी के Travelling Allowance में।

1. स्वयं और परिवार के लिए यात्रा पात्रता (Travel entitlement for self and family):

अंतरराष्ट्रीय यात्रा को छोड़कर इसमें भी वही यात्रा पात्रता होगी जैसा कि transfer होने पर किसी कर्मचारी की यात्रा पात्रता होती है।

2. Composite Transfer Grant (CTG):

जब कोई कर्मचारी सेवानिवृत होने के बाद अपने अंतिम तैनाती स्थान से 20 किमी या अधिक दूरी पर जाकर settle हो जाता है तो उसको CTG का भुगतान पिछले महीने के मूल वेतन के 80% की दर से किया जाएगा।

अंडमान, निकोबार और लक्षद्वीप के द्वीप क्षेत्रों के मामले में यह भुगतान पिछले महीने के मूल वेतन के 100% की दर से किया जाएगा।

सेवानिवृत कर्मचारी के अपने नए निवास स्थान पर जाने में पुराने निवास स्थान और नए निवास स्थान तथा रेलवे स्टेशन / बस स्टैंड आदि के बीच यात्रा के लिए अलग से transfer incidentals और road mileage का भुगतान नहीं किया जाएगा।

जो कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद ड्यूटी के अंतिम स्टेशन से 20 किमी से कम की दूरी के भीतर ही बस जाते हैं उन्हें इस शर्त के अधीन CTG का एक तिहाई भुगतान किया जा सकता है कि निवास स्थान का परिवर्तन वास्तव में शामिल है।

3. वैयक्तिक सम्पत्ति (Personal effects) का परिवहन:

इसका भुगतान वैसे ही होगा जैसा कि किसी कर्मचारी के transfer होने पर किया जाता है।

4. वाहनों (Conveyance) का परिवहन:

इसका भुगतान वैसे ही होगा जैसा कि किसी कर्मचारी के transfer होने पर किया जाता है।

Transport Allowance(परिवहन भत्ता) और Travelling Allowance(यात्रा भत्ता) में अंतर:

Transport Allowance (TPTA) वेतन का एक हिस्सा होता है। यह भत्ता कार्यालय और निवास के बीच यात्रा के खर्चों के लिए के लिए दिया जाता है। यह एक निश्चित राशि होता है जो हर महीने सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है।

कुछ दशाओं को छोड़कर लगभग यह सभी सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है।

जबकि Travelling Allowance हर महीने मिलने वाली एक निश्चित राशि नहीं होता है। इस तरह यह Transport Allowance से बिल्कुल अलग है। Travelling Allowance के लिए वही सरकारी कर्मचारी पात्र हैं जिन्होंने कोई आधिकारिक ड्यूटी के लिए यात्रा की हो।

इस तरह Transport Allowance के लिए कोई claim करने की जरूरत नहीं पड़ती है और यह वेतन का हिस्सा होता है। जबकि Travelling Allowance के लिए claim करना पड़ता है और यह तब तक नहीं मिलता जब तक कोई आधिकारिक यात्रा ना की गई हो।

TA Bill के साथ Boarding Pass जमा करना जरूरी है या नहीं:

विभाग के दिनांक 08.10.2014 के एक OM के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी Travelling Allowanceclaim करता है तो उसे इस यात्रा की प्रामाणिकता सिद्ध करने के लिए कि वास्तव में अधिकारी द्वारा वह यात्रा की गई थी, उसे बोर्डिंग पास जमा करने की जरूरत पड़ती थी।

लेकिन 23 जून 2020 में जारी एक अन्य OM के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी TA बिल के साथ बोर्डिंग पास जमा करने में असमर्थ है, तो वह TA बिल के साथ बोर्डिंग पास के बदले स्व-घोषणा प्रमाण पत्र जमा कर सकता है।

विभाग द्वारा OM के साथ स्व-घोषणा प्रमाण पत्र का proforma भी जारी किया गया। यदि कोई अधिकारी अवर सचिव(Under Secretary) स्तर से नीचे का (Pay Level 10 और उससे नीचे) है तो इस प्रोफार्मा को नियंत्रण अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित किया जाना आवश्यक है।

ये निर्देश केंद्र सरकार के कर्मचारियों द्वारा किए गए दौरे पर यात्रा के संबंध में लागू होंगे।

शहर के भीतर travelling charges के reimbursement के लिए रसीद या वाउचर submit करने के संबंध में नया नियम :

यदि कोई कर्मचारी शहर के भीतर आधिकारिक यात्रा पर है तो यात्रा शुल्क को Daily Allowance के तहत निर्धारित किया गया है।

दिनांक 13.07.2017 के O.M. के अनुसार, यदि Level 8 और उससे नीचे का कोई सरकारी कर्मचारी शहर के भीतर आधिकारिक यात्रा पर है तो उसे Travelling charges के reimbursement के लिए कोई रसीद या वाउचर देने की जरूरत नहीं है।

उन्हें केवल स्व-प्रमाणित (Self-certified) Travelling charges के reimbursement का दावा करने की अनुमति दी थी। जबकि Level 9 और उससे ऊपर के कर्मचारियों को Travelling charges के reimbursement के लिए वाउचर देने होते थे।

लेकिन 22 दिसंबर 2020 को विभाग द्वारा जारी एक अन्य O.M. के अनुसार Level 9 से 11 तक के केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी शहर के अंदर की गई आधिकारिक यात्रा के लिए Travelling charges के reimbursement का दावा करने के लिए रसीद या वाउचर प्रस्तुत नहीं करना होगा।

बल्कि इन कर्मचारियों को भी Travelling charges के reimbursement के लिए केवल स्व-प्रमाणित (Self-certified) reimbursement claim ही प्रस्तुत करना होगा जिसमें यात्रा की अवधि, वाहन संख्या आदि जैसे विवरण दिए गए हों।

Travelling Allowance के बारे में उपरोक्त जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया शेयर करना ना भूलें। यदि TA Rules से संबंधित कोई प्रश्न हो तो कमेन्ट बॉक्स में पूछें।


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