Allowance क्या होता है | Allowance Meaning in Hindi | Allowances for Central Government Employees


हम यहाँ सरकारी कर्मचारियों के संदर्भ में Allowance को परिभाषित करेंगे और जानेंगे कि Allowance क्या होता है।

वैसे तो किसी भी सेक्टर के कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते की परिभाषा समान ही है, लेकिन इस लेख में सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों के बारे में ही विस्तृत जानकारी दी गई है।

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Dearness Allowance | महंगाई भत्ता क्या होता है?

तो आईए जानते हैं कि सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते क्या होते हैं और मुख्य रूप से कितने प्रकार के होते हैं।

Allowance Meaning in Hindi / Allowance क्या होता है?

भत्ता एक वित्तीय लाभ है जो सरकार (केंद्र या राज्य) द्वारा अपने कर्मचारियों को नियमित वेतन के अलावा प्रदान किया जाता है।

यह उस सरकारी कर्मचारी द्वारा किए गए विशेष प्रकार के व्यय को पूरा करने के लिए प्रदान की गई एक निश्चित राशि है। ये विशेष प्रकार के व्यय किसी Public Interest में की गई सेवा के बदले किए गए होते हैं या कुछ विशेष व्यक्तिगत भी हो सकते हैं।

इसी तरह, कई अन्य प्रकार के भत्ते भी हैं जो सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किए जाते हैं। कुछ भत्ते वेतन के हिस्से के रूप में होते हैं तो कुछ compensatory होते हैं।

7वां वेतन आयोग और Allowances:

जैसा कि आप जानते हैं, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के Salary Structure में बदलाव की सिफारिश करने के लिए भारत सरकार द्वारा एक वेतन आयोग की स्थापना की जाती है।

इसी क्रम में 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) की सिफारिशों को जनवरी 2016 में लागू किया गया और वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को इसी वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार Salary मिल रही है।

Allowance क्या होता है | Allowance Meaning in Hindi | Allowances for Central Government Employees

7वें वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के भत्तों में बहुत बड़े बदलाव की सिफारिश की। इस आयोग ने केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले 196 भत्तों में से 53 को समाप्त करने और अन्य 36 को मौजूदा Allowances में समाहित करने की सिफारिश की।

एक लेख में सभी भत्तों के बारे में जानकारी देना कठिन है इसलिए इस लेख में हमनें कुछ महत्वपूर्ण भत्तों के बारे में ही संक्षिप्त जानकारी दी है।

केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ महत्वपूर्ण भत्ते / Some Important Allowances:

1. Dearness Allowance (DA) / महंगाई भत्ता:

दिन-प्रतिदिन मुद्रास्फीति की दर बढ़ती जा रही है। सरकार द्वारा कई उपायों के बावजूद भी केवल आंशिक सफलता प्राप्त होती है। इसलिए, सरकार के लिए अपने कर्मचारियों को मुद्रास्फीति के प्रतिकूल प्रभावों से बचाना आवश्यक हो जाता है।

रोजमर्रा के खर्च पर इस महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को Dearness Allowance यानी महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाता है।

चूंकि, मुद्रास्फीति की दर सामान्यतया बढ़ती ही रहती है। इसलिए इस बढ़ती कीमतों से निपटने में मदद करने के लिए सरकारी कर्मचारियों के प्रभावी वेतन में निरंतर वृद्धि की आवश्यकता होती है।

Dearness Allowance की गणना हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में की जाती है।

इसकी गणना प्रतिशत के रूप में की जाती है। जैसा कि वर्तमान में DA की दर 17% है तो किसी सरकारी कर्मचारी को मिलने वाला DA उसके Basic Pay का 17% होगा। इस तरह DA, Basic Pay के अनुसार बदलता है।

DA के गणना के लिए 2001 को आधार वर्ष के रूप में निर्धारित किया गया है।

DA के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप इस लेख को पढ़ सकते हैं –

2. House Rent Allowance(HRA) / आवास भत्ता:

सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला HRA, Gross Salary का एक हिस्सा होता है।

यह सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों को उस शहर में रहने की आवास लागत के लिए भुगतान किया जाता है।

HRA उन सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जो किसी Departmental या सरकारी आवास में नहीं रहते हैं बल्कि किराये पर आवास लेकर रहते हैं।

इस तरह यह सरकारी कर्मचारियों के आवासीय उद्देश्यों के लिए किराए पर आवास लेने के व्यय को पूरा करता है

किसी सरकारी कर्मचारी को कितना HRA का भुगतान करना है, इसका निर्णय सरकार द्वारा वेतन और निवास के शहर जैसे कई अलग-अलग मानदंडों के आधार पर किया जाता है।

इस तरह सभी सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला HRA एक fix amount नहीं है बल्कि Basic Pay और निवास के शहर के आधार पर इसकी गणना की जाती है।

केंद्र सरकार ने HRA की गणना करने के लिए भारतीय शहरों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है – X श्रेणी के शहर, Y श्रेणी के शहर और Z श्रेणी के शहर।

7वें वेतन आयोग ने इन तीनों श्रेणियों के शहरों के लिए मिलने वाले HRA में संशोधन किया है।

X श्रेणी के अंतर्गत 50 लाख से अधिक आबादी वाले शहर शामिल हैं और इन शहरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके Basic Pay का अधिकतम 24 प्रतिशत HRA प्रतिमाह मिलता है।

Y श्रेणी के अंतर्गत 5 लाख से 50 लाख की आबादी वाले शहर शामिल हैं और इन शहरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके Basic Pay का अधिकतम 16 प्रतिशत HRA प्रतिमाह मिलता है।

Z श्रेणी के शहर वे हैं जिनकी आबादी पांच लाख तक है और इन शहरों में रहने वाले सरकारी कर्मचारियों को उनके Basic Pay का अधिकतम 16 प्रतिशत HRA प्रतिमाह मिलता है।

HRA के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप इस लेख को पढ़ सकते हैं –

3. Transport Allowance(TPTA) / परिवहन भत्ता:

DA और HRA के बाद Transport Allowance (TPTA) केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

TPTA केंद्र सरकार की सेवाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों को आवास से कार्यालय जाने और वापस आने पर होने वाले खर्च को कवर करने के लिए दिया जाता है।

केन्द्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में यही एकमात्र ऐसा भत्ता है जिसके ऊपर महंगाई भत्ता (DA) दिया जाता है।

TPTA सभी कर्मचारियों को समान रूप से नहीं मिलता है। यह कर्मचारी के नियुक्ति के स्थान और उसके Pay Level पर निर्भर करता है। यहाँ नियुक्ति के स्थान से आशय है कि उक्त कर्मचारी किस शहर में कार्यरत है।

TPTA की गणना करने के लिए भारतीय शहरों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

Higher Transport Allowance वाले शहर – इन शहरों की संख्या 19 है। इन शहरों में शामिल हैं – दिल्ली, ग्रेटर मुंबई, पुणे, नागपुर, बेंगलुरु, गाजियाबाद, लखनऊ, अहमदाबाद, सूरत, चेन्नै, हैदराबाद, इंदौर, कानपुर, कोयंबटूर, जयपुर, कोच्चि, कोलकाता, कोझीकोडस और पटना।

इस श्रेणी में उपरोक्त 19 शहरों को छोड़कर बाकी शहरोें को शामिल किया गया है। यहाँ TPTA की मात्रा पहली श्रेणी में शामिल 19 शहरों के मुकाबले कम है।

TPTA के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यह लेख पढ़ें

4. Travelling Allowance (TA ) / यात्रा भत्ता:

Travelling Allowance एक Compensatory Allowance होता है और यह किसी सरकारी कर्मचारी को उस यात्रा के खर्च के बदले दिया जाता है जो उसने किसी official purpose यानि कि ऑफिस के किसी काम के लिए की हो।

जैसे कि कोई official meeting में शामिल होने के लिए यात्रा की गई हो या किसी कंपनी / फर्म के ऑडिट के लिए की गई यात्रा हो।

Official pupose से संबंधित और भी कई ऐसे काम होते हैं जिनके लिए सरकारी कर्मचारियों को यात्रा करनी पड़ती है।

TA ना केवल देश के अंदर की जाने वाली यात्राओं के लिए दिया जाता है बल्कि किसी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा करने के लिए भी दिया जाता है। लेकिन यह यात्रा भी official purpose के लिए की गई हो।

यदि किसी सरकारी कर्मचारी का transfer एक जगह से दूसरी जगह होता है तो उस कर्मचारी को नई जगह पर जाना पड़ता है। इस उद्देश्य के लिए की गई यात्रा में होने वाले खर्चे के लिए भी TA प्रदान किया जाता है।

इतना ही नहीं, जब कोई सरकारी कर्मचारी retire होकर अपने घर जाता है तो उसमें होने वाले यात्रा खर्च के लिए भी TA दिया जाता है।

किसी भी कर्मचारी को TA उसकी Eligibility के अनुसार दिया जाता है। TA अलग-अलग Pay Level के लिए अलग-अलग तय किया गया है।

उस Pay Level के आधार पर कर्मचारी की जो Eligibility बनती है उसी के अनुसार उसे TA दिया जाता है।

TA के बारे में और अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

5. Leave Travel Concession (LTC) / अवकाश यात्रा सुविधा:

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को अपने घर की यात्रा करने या देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा के लिए यह सुविधा या रियायत दी जाती है।

LTC का लाभ प्राप्त करने के लिए कर्मचारी को छुट्टी के लिए आवेदन करना पड़ता है।

उसी अवकाश के दौरान की गई घर की यात्रा या देश के किसी हिस्से की यात्रा के एवज में उस कर्मचारी को LTC प्रदान किया जाता है।

किसी कर्मचारी को सरकारी विभाग की जॉइनिंग के बाद, पहले दो 4-वर्षीय ब्लॉकों के लिए, तीन Home Town की यात्रा करने के लिए और एक अखिल भारतीय यात्रा की अनुमति मिलती है।

8 साल के बाद Home Town LTC की सुविधा प्रत्येक चार साल में दो बार मिलने लगती है।

जरूरत पड़ने पर इन दो Home Town LTC में से एक को “अखिल भारतीय यात्रा” के साथ Substitute किया जा सकता है।

LTC की सुविधा उन कर्मचारियों के लिए उपलब्ध नहीं है जिनकी पत्नी भारतीय रेलवे में काम करती हैं। इन्हें All India LTC प्रत्येक चार साल में एक बार प्रदान की जाती है।

6. Children Education Allowance (CEA)

केन्द्रीय कर्मचारियों को अपने बच्चों की स्कूली शिक्षा और छात्रावास की आवश्यकता के लिए सरकार सरकार द्वारा यह भत्ता प्रदान किया जाता है।

यह भत्ता वर्तमान में केवल दो बच्चों की 12वीं तक की पढ़ाई के लिए ही मिलता है।

यदि किसी कर्मचारी के दो से अधिक बच्चे हैं तो भी केवल दो बच्चों के लिए यह भत्ता दिया जाएगा।

इस भत्ते के तहत सरकारी कर्मचारी को प्रति बच्चे के लिए 2,250/- रुपये प्रतिमाह CEA के तौर पर और 6750/- रुपये प्रतिमाह Hostel Subsidy के तौर पर मिलता है।

DoPT के अनुसार इन दोनों भत्तों (CEA और Hostel Subsidy) में 25% की बढ़ोतरी तब होगी जब संशोधित वेतन संरचना पर महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से बढ़ जाएगा।

दिव्यांग बच्चों के मामले में सरकारी कर्मचारी को यह भत्ता दोगुना मिलता है।

7वें CPC के पहले इस भत्ता का claim करने के लिए बहुत ही लंबी प्रक्रिया होती थी जिसके कारण सरकारी कर्मचारी को समय से reimbursement नहीं हो पाता था।

लेकिन अब इस भत्ते को प्राप्त करने के लिए बहुत अधिक Documents की जरूरत नहीं होती है।

जिस संस्थान में बच्चा पढ़ रहा है उसके Head of Institute की ओर से जारी क्या गया प्रमाण पत्र ही पर्याप्त होता है। इस प्रमाणपत्र में Head of Institute यह प्रमाणित करता है कि गत वर्ष अमुक बच्चे ने इस संस्थान में इस कक्षा में पढ़ाई की।

Hostel Subsidy के लिए भी Head of Institute द्वारा जारी ठीक इसी तरह का प्रमाणपत्र पर्याप्त होता है।

7. Daily Allowance / दैनिक भत्ता:

जब कोई सरकारी कर्मचारी कार्यालय के किसी काम के लिए कहीं जाता है तो उसे तीन चीजों के लिए खर्च करना पड़ता है-

  1. गंतव्य स्थान तक की यात्रा करने के लिए
  2. यदि वह स्थान ऑफिस से अधिक दूर है तो वहाँ ठहरने के लिए और
  3. खाने के लिए

इन तीनों खर्चों में से पहला TA के रूप में reimbursement हो जाता है। इसके बारे में हमनें पहले ही बता दिया है।

अन्य दो खर्चों के लिए Daily Allowance के रूप में reimbursement किया जाता यही।

इस तरह Daily Allowance के अंतर्गत Accomodation charges तथा Food Bill में हुए खर्चे के reimbursement के लिए दिया जाता है।

8. Briefcase Allowance:

यह भत्ता कुछ निश्चित श्रेणी के केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलता है।

इस भत्ते के तहत सरकारी कर्मचारी को Briefcase/official bag/ladies purse खरीदने के एवज में एक निश्चित राशि प्रदान की जाती है।

यह 4200 Grade Pay के नीचे के सरकारी कर्मचारियों को नहीं मिलता है। 4200 Grade Pay के कर्मचारियों को इस भत्ते के तहत 3500 रुपये मिलते हैं। इसकी अधिकतम सीमा Rs. 10000/- है।

Briefcase Allowance तीन साल में एक बार प्रदान किया जाता है।

9. Residential Newspaper Allowance-

यह भत्ता केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी को अपने घर पर Newspaper या Magazine मंगाने के एवज में प्रदान किया जाता है।

पहले घर पर Newspaper मंगाने में जो खर्च आता था उसके reimbursement के लिए ऑफिसर को बिल जमा करना होता था।

लेकिन अप्रैल 2018 में Ministry of Finance द्वाराी एक ऑर्डर जारी होने के बाद यह व्यवस्था समाप्त हो गई।

अब किसी ऑफिसर को इसके लिए एक form भरना पड़ता है और certify करके अपने संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है। इसके बाद उस ऑफिसर को Newspaper बिल reimburse हो जाता है।

10. Uniform Allowance-

यह भत्ता ऐसे सरकारी कर्मचारियों को मिलता है जिन्हें कार्य स्थल पर किसी तरह का uniform पहनकर कार्य करना पड़ता है।

कुछ विभागों में ऐसे सरकारी कर्मचारियों को Initial Equipment Allowance भी मिलता है। यह तब मिलता है जब वह कर्मचारी पहली बार ऐसे विभाग में join करता है।

उसके बाद उसे प्रत्येक साल इस भत्ते के अंतर्गत Renewal Grant मिलता है।

कुछ विभागों में Uniform Allowance के लिए Eligible कर्मचारियों को केवल Initial Grant ही मिलता है।

उपरोक्त के अलावा और भी बहुत से Allowances हैं जो केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को मिलते हैं, जैसे- Court Allowance, Desk Allowance, Diet Allowance, Electricity Allowance, Internet Allowance, Mobile Phone Allowance, Command Allowance, Study Allowance आदि।

जैसा कि इस लेख में पहले ही बताया गया है कि केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को 196 प्रकार के allowances मिलते हैं। लेकिन हमनें इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण Allowances के बारे में ही जानकारी दी है।

निष्कर्ष:

केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को प्रतिदिन के खर्चे को compensate करने के लिए कुछ allowances प्रदान करती है। इन allowances की संख्या 196 है।

लेकिन ये सभी Allowances सभी विभागों के कर्मचारियों को प्रदान नहीं किए जाते हैं।

इनमें से कुछ ही ऐसे Allowances हैं जो सभी केन्द्रीय कर्मचारियों को प्राप्त होते हैं, जैसे कि Dearness Allowance, Travelling Allowance, Transport Allowance, Leave Travel Concession, Home Rent Allowance आदि।

इन प्रमुख Allowances के बारे में हमनें उपरोक्त लेख में संक्षिप्त जानकारी दी है।

इनके बारे में विस्तृत जानकारी के लिए हमारी इसी वेबसाईट पर आप इन Allowances से संबंधित लेखों को पढ़ सकते हैं।

यदि उपरोक्त जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया शेयर करना ना भूलें और यदि आपके मन में Allowances से संबंधित किसी तरह का कोई प्रश्न हो तो कमेन्ट बॉक्स में पूछ सकते हैं।


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