Dearness Allowance | DA for Central Government Employees | महंगाई भत्ता क्या होता है?

Dearness Allowance सरकारी कर्मचारियों के वेतन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। चूंकि यह एक compensatory allowance नहीं होता है इसलिए यह सभी कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है।

Dearness Allowance की परिभाषा हमनें एक अन्य लेख में दी है। इसके लिए आप इस लेख को अवश्य पढ़ें –

Allowance क्या होता है | Allowance Meaning in Hindi | Allowances for Central Government Employees

इस लेख में हमने Dearness Allowance से संबंधित महत्वपूर्ण नियमों के बारे में बताया है।

तो आईए देखते हैं कि केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए Dearness Allowance से संबंधित कौन-कौन से महत्वपूर्ण नियम बनाए गए हैं।

Dearness Allowance की गणना:

केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए Dearness Allowance की गणना हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में की जाती है।

साल 2006 के पहले DA की गणना करने के लिए केंद्र सरकार अलग तरह के फॉर्मूले का प्रयोग करती थी।

लेकिन 2006 में DA की गणना का फॉर्मूला बदल दिया गया और इसी फॉर्मूले पर वर्तमान में DA की गणना की जाती है।

वर्तमान में जिस फॉर्मूले पर सरकारी कर्मचारियों के लिए DA की गणना की जाती है वह निम्न है-

Dearness Allowance (प्रतिशत में) =
(पिछले 12 महीनों के लिए AICPI(आधार वर्ष -2001 = 100) का औसत – Fitment Linking Factor)/ Fitment Linking Factor} x 100

7वें CPC के लिए Fitment Linking Factor 261.4 है।

इसलिए 7 वें CPC के लिए DA का प्रतिशत =
(पिछले 12 महीनों के लिए AICPI(आधार वर्ष -2001 = 100) का औसत – 261.4 )/ 261.4 } x 100

AICPI का Full Form – All India Consumer Price Index(अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक)

वेतन में DA कैसे जुड़ता है-

उपरोक्त DA की जो गणना की गई है वह प्रतिशत में है। जैसा कि आपको पता होगा, सरकार कभी भी DA की घोषणा प्रतिशत में ही करती है जो ऊपर दिए गए फॉर्मूले के आधार पर करने के बाद प्राप्त होता है।

लेकिन जब किसी कर्मचारी के वेतन पर DA की गणना करनी होती है तो निम्न तरीके से करते हैं-

Dearnes Allowance = कर्मचारी को मिलने वाला Basic Pay x DA की दर (प्रतिशत में)

वर्तमान में DA की दर 17% है। इस आधार पर किसी ऐसे कर्मचारी, जिसका Basic Pay 27100/- है, को मिलने वाला DA होगा – 27100/- x 17% = 4607/-

इस तरह एक सरकारी कर्मचारी के वेतन में मिलने वाले DA की गणना की जाती है।

चूंकि Dearness Allowance की गणना Basic Pay के आधार पर की जाती है इसलिए यह Pay Matrix के Pay Level और Cell के अनुसार अलग-अलग होता है।

Variable Dearness Allowance क्या है?

DA दो प्रकार के होते हैं- 1. Industrial Dearness Allowance (IDA) और 2. Variable Dearness Allowance

Industrial Dearness Allowance सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के ऊपर लागू होता है जबकि Variable Dearness Allowance केंद्र सरकार के कर्मचारियों के ऊपर लागू होता है।

जैसा कि आप जानते हैं, Consumer Price Index (CPI) अर्थात उपभोक्ता मूल्य सूचकांक परिवर्तनीय होता है। इसमें या तो वृद्धि होती है या कमी।

CPI के इसी परिवर्तनीय प्रकृति के कारण सरकार को भी महंगाई भत्ते (DA) में प्रत्येक छह महीने में संशोधन करना पड़ता है। यही Variable Dearness Allowance होता है।

इस तरह हम कह सकते हैं कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वृद्धि या कमी के कारण परिवर्तित आंकड़ों के आधार पर Dearness Allowance में जो संशोधन किया जाता है उसे परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (Variable Dearness Allowance)कहा जाता है।

Variable Dearness Allowance निम्नलिखित तीन अलग-अलग घटकों पर निर्भर करता है-

आधार सूचकांक (Base Index) – यह सूचकांक एक विशेष अवधि के लिए स्थिर रहता है

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) – यह मूल्य सूचकांक हर महीने बदलता है और Variable Dearness Allowance के समग्र मूल्य को प्रभावित करता है।

Variable DA की राशि- सरकार द्वारा तय की गई Variable DA की राशि तब तक स्थिर रहती है जब तक कि सरकार मूल न्यूनतम मजदूरी (Basic Minimum Wages) में संशोधन नहीं करती है।

पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता:

केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन पर भी वेतन आयोग द्वारा तैयार नए वेतन ढांचे और केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ते का प्रभाव पड़ता है।

वेतन आयोग द्वारा जब भी एक नया वेतन ढांचा तैयार किया जाता है तब केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन को भी संशोधित किया जाता है। यह संशोधन उनके नियमित पेंशन और पारिवारिक पेंशन दोनों पर लागू होता है।

इसी तरह, यदि महंगाई भत्ते में एक निश्चित प्रतिशत की वृद्धि की जाती है, तो वही परिवर्तन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियमित पेंशन और पारिवारिक पेंशन दोनों में परिलक्षित होता है।

DA का मूल वेतन में विलय:

सामान्यतया Dearness Allowance में प्रत्येक छह महीने में संशोधन किया जाता है और इसमें कुछ प्रतिशत की वृद्धि होती है।

इस तरह Dearness Allowance में लगातार वृद्धि होती रहती है और किसी समय पर यह 50% तक पहुँच जाता है।

जब Dearness Allowance का प्रतिशत 50% को पार कर जाता है तब इसे मूल वेतन के साथ मिलाने की प्रथा है।

इससे सरकारी कर्मचारियों के वेतन में काफी वृद्धि हो जाती है। क्योंकि वेतन में शामिल अन्य सभी घटकों की गणना मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में की जाती है।

एक उदाहरण से इसे समझने की कोशिश करते हैं।

मान लीजिए किसी कर्मचारी का मूल वेतन 10000 रुपये हैं और वर्तमान में DA 61% है तो उसके वेतन में मिलने वाला DA होगा – 6100 रुपये।

और कुल वेतन हो जाएगा = 10000 + 6100 रुपये = 16100 रुपये

अब दूसरी तरफ देखते हैं जब 50% DA कर्मचारी केे मूल वेतन में मिल दिया जाता है। तब उसका मूल वेतन होगा 10000 + 5000 = 15000 रुपये।

अब शेष DA बचा = 61 – 50 = 11%

अब मूल वेतन 15000 का DA होगा = 15000 x 11% = 1650 रुपये

और कुल वेतन हो जाएगा = 15000 + 1650 = 16650 रुपये

अब पहले और दूसरे वेतन के बीच अंतर होगा = 16650 – 16100 = 550 रुपये

इस तरह हम देखते हैं कि जब DA का मूल वेतन में विलय हो जाता है तो कुल वेतन में वृद्धि हो जाती है।

इसलिए सरकारी कर्मचारी चाहते हैं कि DA जब 50% से अधिक हो तो उसे मूल वेतन में विलय कर दिया जाए।

फिलहाल सातवें वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA मूल वेतन में विलय पर कोई सिफारिश नहीं की है।

Dearness Allowance (DA) और Dearness Relief (DR) में अंतर:

Dearness Allowance और Dearness Relief (DR) में कोई अंतर नहीं है बल्कि दोनों समान हैं।

Dearness Allowance शब्द जहाँ सेवारत सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रयोग होता है वहीं Dearness Relief सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के लिए।

Dearness Allowance की गणना सेवारत सरकारी कर्मचारियों के वर्तमान मूल वेतन के आधार पर की जाती है और Dearness Relief की गणना सरकारी पेंशनभोगियों की केवल मूल पेंशन के आधार पर की जाती है। केवल मूल पेंशन का अर्थ है कि इसमें commutation नहीं जुड़ा रहता है।

7th Pay Commission के अंतर्गत अब तक DA दर का चार्ट-

Dearness Allowance | DA for Central Government Employees | महंगाई भत्ता क्या होता है?


DA की वर्तमान स्थिति और सरकार की घोषणा:

वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को 17 प्रतिशत के दर से DA का भुगतान किया जा रहा है।

लेकिन अब अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार इस साल DA में वृद्धि की घोषणा करेगी और केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 1 जुलाई से बढ़ने जा रहा है.

सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक अटके हुए तीन किस्तों ( जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021) का भी भुगतान किया जाएगा और DA में 11% की वृद्धि की जाएगी।

इससे अब केन्द्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता सीधे 28 प्रतिशत हो जाएगा और कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त इजाफा होगा।

ज्ञात हो कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ते में जनवरी 2020 में 4 प्रतिशत की और जुलाई 2020 में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। अब जनवरी 2021 में एक बार फिर 4 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है.

लेकिन इन तीनों किस्तों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। इन तीनों DA वृद्धि को जोड़ें तो कुल 11% की वृद्धि हो जाएगी।

लेकिन केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि रोके गए DA के लिए कोई Arrears का लाभ सरकारी कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा।

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