NPS Scheme in Hindi : NPS क्या होता है और 2023 में इसमें निवेश कैसे करें?

NPS Scheme in Hindi : इस लेख में नई पेंशन योजना New Pension Scheme के बारे में जानकारी देंगे और बताएंगे कि NPS kya hai यानि NPS Scheme in Hindi क्या है?

NPS full form in Hindi – New Pension Scheme यानि नई पेंशन योजना

किसी भी सरकारी कर्मचारी के सेवनिवृति के बाद उसकी पेंशन ही उसका सबसे बड़ा सहारा होता है। New Pension Scheme भी भारत सरकार द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्तियों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई एक पेंशन योजना है।

इस पेंशन योजना को National Pension Scheme के रूप में भी जाना जाता है, इसलिए यदि आप National Pension Scheme in Hindi सर्च कर रहे हैं तो यह लेख आपके लिए भी समान रूप से उपयोगी है।

पेंशन योजना से एक सेवानिवृत्ति व्यक्ति भविष्य में आर्थिक रूप से अपने आप को सुरक्षित महसूस करता है।
साथ ही एक व्यवस्थित और सुपरिभाषित पेंशन योजना देश के लिए मजबूत सामाजिक संरचना को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यह ना केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए है बल्कि किसी भी सेक्टर में काम करने वाला व्यक्ति इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है।

इस लेख में हमनें विशेषकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को ध्यान में रखते हुए हिंदीभाषी लोगों के NPS के बारे में विस्तृत जानकारी दी है यानि NPS scheme details in Hindi के बारे में बताया है। वैसे यह लेख सभी NPS धारक व्यक्तियों के लिए समान रूप से उपयोगी है।

तो आईए जानते हैं कि NPS Scheme in Hindi क्या है और इसकी शुरुआत कब से हुई।

अन्य संबंधित लेख:

1. Structure of NPS for Government Employees

2. Tax Benefits under NPS
CONTENTS Show

NPS Scheme in Hindi : NPS Scheme details in Hindi

NPS Scheme in Hindi
NPS Scheme in Hindi

22 दिसंबर, 2003 को केंद्र सरकार ने New Pension Scheme की घोषणा की और सशस्त्र बलों को छोड़कर सभी नए सरकारी कर्मचारियों के लिए इसे 1 जनवरी 2004 से लागू कर दिया। अर्थात सशस्त्र बलों को छोड़कर जो केन्द्र सरकार के कर्मचारी, 31 दिसंबर, 2004 के बाद सेवाओं में शामिल हुए हैं उनके लिए यह पेंशन योजना पेश की गई थी।

कई राज्यों में New Pension Scheme की शुरुआत अप्रैल 2004 में की गई।

दिसंबर 2003 में New Pension Scheme की घोषणा होने के बावजूद भी Pension Fund Regulatory and Development Authority of India (PFRDA) को PFRDA, 2013 के तहत स्थापित होने में लगभग एक दशक लग गया।

यहाँ तक कि जो लोग 1 जनवरी 2004 से सरकारी सेवाओं में शामिल हुए थे, वे इस नई पेंशन योजना का हिस्सा तो थे, लेकिन उन्हें कई वर्षों तक व्यक्तिगत NPS खाते से शुरुआत करने का लाभ नहीं मिला। क्योंकि उस समय NPS से संबंधित कोई एक विकसित कार्यप्रणाली नहीं थी।

अर्थात तब तक CRA, PRAN, Fund manager जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। ये अलग बात थी कि इस पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों ने इसमें योगदान देना जारी रखा।

अप्रैल 2007 में PFRDA ने NSDL (National Securities Depository Limited) को CRA (Central Record Keeping Agency) के तौर पर नियुक्त किया। लेकिन अभी भी NPS के अंतर्गत जिन कर्मचारियों की सैलरी से कटौती हो रही थी उसके बारे में इन कर्मचारियों को बहुत कुछ पता नहीं चल रहा था।

इतना ही नहीं, उन कर्मचारियों को ना ही अपने फंड मैनेजर के बारे में पता था और ना ही फंड चुनने का कोई विकल्प था।

आखिरकार 2007-08 के अंत तक तीन पेंशन फंड मैनेजर यथा LIC Pension Fund , SBI Pension Fund और UTI Retirement Solutions को केंद्र सरकार के NPS योगदान के तहत फंड का प्रबंधन करने का काम सौंपा गया।

मई 2009 में इस योजना को सरकारी कर्मचारियों के अलावा आम जनता के लिए भी खोल दिया गया।

New Pension Scheme क्या है?

New Pension Scheme को National Pension System या के रूप में भी जाना जाता है। यह पेंशन योजना Pension Fund Regulatory and Development Authority of India (PFRDA) द्वारा विनियमित है।

सरकार द्वारा नई पेंशन योजना शुरू करने का एक मुख्य उद्देश्य यह भी था कि वह अपनी पेंशन देयता कम करना चाहती थी।

साथ ही यह योजना आम जनता के लिए भी उपलब्ध है, इसलिए इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति यह तय कर सकता है कि उसके पैसे का निवेश कहाँ किया जाए।

यह पेंशन योजना सभी लोगों के लिए एक समान है, चाहे वह केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी हों, कॉर्पोरेट कर्मचारी हों या अन्य व्यक्ति हों। लेकिन इसके संचालन की बात आती है, तो केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए इस योजना के कुछ नियमों में अंतर हो जाता है।

New Pension Scheme केवल एक पेंशन योजना नहीं है, जैसी कि पुरानी पेंशन योजना थी। यह एक निवेश योजना है। अर्थात NPS के अंतर्गत किसी कर्मचारी या आम व्यक्ति द्वारा दिए गए योगदान को बाजार में निवेश कर दिया जाता है। यह निवेश Debt और Equity बाजार में किया जाता है।

इसी निवेश के आधार पर जो लाभ सरकार को मिलता है उसी का एक हिस्सा पेंशन के तौर पर किसी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद मिलता है।

इस तरह यह पेंशन योजना पूरी तरह से Market Risk पर आधारित है। इसीलिए सरकारी कर्मचारियों द्वारा NPS का विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह जरूरी नहीं है कि बाजार हमेशा अच्छा रिटर्न देगा और इसका प्रभाव उनको हर महीने मिलने वाले पेंशन पर पड़ेगा।

NPS Account क्या है और NPS Account के प्रकार

कोई भी व्यक्ति New Pension Scheme के अंतर्गत दो प्रकार के खाते खोल खोल सकता है – Tier-I और Tier-II.

जब कोई व्यक्ति किसी सरकारी नौकरी में प्रवेश करता है तो उसे अनिवार्य रूप से New Pension Scheme के तहत Tier-I खाता खुलवाना पड़ता है।

इस तरह यह स्वैच्छिक बचत खाता नहीं होता है और इसमें सरकारी कर्मचारी को अनिवार्य रूप से निवेश करना पड़ता है।

इसमें निवेश की गई राशि भी निश्चित होती है। किसी कर्मचारी के Tier-I खाते में उसके मासिक वेतन से कटौती की गई राशि जमा की जाती है और कुछ राशि सरकार द्वारा जमा की जाती है।

कर्मचारी द्वारा जमा की गई राशि उसके Basic Pay और DA के योग के 10% होती है और सरकार द्वारा जमा राशि कर्मचारी के Basic Pay और DA के योग के 14% होती है।

इस निश्चित कटौती के अतिरिक्त कर्मचारी अपनी इच्छा से Tier-। खाते में 50,000 रू या इससे भी अधिक की राशि का निवेश कर सकता है।

Tier-II खाता तभी खुलता है जब कर्मचारी का Tier-I खाता खुला हो। इसकी खास बात यह है कि यह एक स्वैच्छिक बचत खाता है। अर्थात कोई भी सरकारी कर्मचारी यह खाता खुलवा सकता है और अपने इच्छानुसार राशि का निवेश कर सकता है।

NPS के तहत कोई कर्मचारी जहाँ टियर-I से निकासी समय से पहले नहीं कर सकता है वहीं टियर- II से वह परिपक्वता (Maturity) से पहले भी कर सकता है।

New Pension Scheme में खाता किस तरह खोलें

सरकारी कर्मचारी जो अनिवार्य रूप से New Pension Scheme के अंतर्गत आते हैं उन्हें Tier-I Account खोलने के लिए अपने सम्बंधित DDO के पास विधिवत भरा हुआ CSRF (Subscriber Registration Form) जमा करना आवश्यक है।

इस Form में भरे गए details के आधार पर ही उस सरकारी कर्मचारी को CRA द्वारा PRAN (Permanent Retirement Account Number) आबंटन किया जाता है।

इस फॉर्म को CRA की वेबसाइट www.npscra.nsdl.co.in से डाउनलोड किया जा सकता है। फॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें

कर्मचारी को विधिवत भरे हुए CSRF की दो प्रतियां अपने संबंधित DDO के पास जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना आवश्यक है।

लेकिन ध्यान रहे कि जिस DDO के पास यह form जमा किया जा रहा है, उसे CRA द्वारा registered किया गया हो अन्यथा वह भरे हुए फॉर्म को आगे की कार्यवाही के लिए अग्रेषित करने में सक्षम नहीं होगा। क्योंकि DDO ही इस फॉर्म को PAO को भेजने के लिए अधिकृत है।

कर्मचारी को Subscriber Registration Form में निम्नलिखित विवरण भरने होते हैं-

1. व्यक्तिगत विवरण, जैसे- पहचान के बारे में, पता, पैन कार्ड विवरण, Aadhaar संख्या, Contact details, Bank details आदि।

2. आधार को PRAN से संबंधित अन्य जगहों पर लिंक करने के लिए सहमति देना।

3. रोजगार की जानकारी देना

4. Nominee का विवरण देना

5. Tier II Account खोलने के लिए विकल्प देना

6. FATCA (Foreign Account Tax Compliance Act) घोषणा पत्र देना

कर्मचारी द्वारा जमा किए गए फॉर्म को संबंधित DDO सत्यापित करने के बाद PAO को प्रेषित कर देता है। इसके बाद उस फॉर्म को PAO सत्यापित करता है और PRAN आबंटन के लिए CRA के पास प्रेषित कर देता है।

CRA उस फॉर्म में दिए गए कर्मचारी के विवरण के आधार पर एक PRAN (Permanent Retirement Account Number) का आबंटन करता है।

PRAN एक unique number होता है जो सभी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग होता है और यह तब तक रहता है जब तक वह कर्मचारी NPS से बाहर नहीं निकाल जाता।

PRAN आबंटन के बाद CRA एक PRAN Kit उस कर्मचारी से संबंधित Nodal Office को भेजता है। वह Nodal Office आगे PAO को भेजता है और PAO आगे संबंधित DDO को भेजता है।

एक PRAN kit के अंदर कर्मचारी का PRAN card, उस कर्मचारी के विवरण जिसे Subscriber Master Report भी कहते हैं और एक information booklet होता है।

PRAN kit जब संबंधित DDO को मिलता है तो वह उस kit को अंतिम रूप से कर्मचारी के सुपुर्द कर देता है।

इस तरह एक सरकारी कर्मचारी को CRA द्वारा सफलतापूर्वक PRAN का आबंटन कर दिया जाता है।

अब प्रत्येक माह उस कर्मचारी के वेतन से एक निश्चित राशि (Basic+10% of DA) उसके Tier-I account में जमा होने लगती है।

सरकारी कर्मचारी का New Pension Scheme से बाहर निकलना

NPS के तहत कोई सरकारी कर्मचारी PFRDA (Exits & Withdrawals) Regulations 2015 के अनुसार निम्नलिखित परिस्थितियों में NPS से बाहर निकाल सकता है:

सामान्य अधिवर्षिता यानी Normal Superannuation पर

यहाँ Normal Superannuation से अभिप्राय है कि उक्त कर्मचारी ने अपनी पूरी नौकरी कर ली है।

सामान्य शब्दों में कहें तो New Pension Scheme के तहत किसी सरकारी कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के समय उसके NPS खाते में संचित पेंशन राशि का 60 प्रतिशत का भुगतान एकमुश्त राशि के तौर पर कर्मचारी को कर दिया जाता है और शेष 40 प्रतिशत भाग का उपयोग कर्मचारी को Annuities खरीदने में करना पड़ता है।

इन Annuities से मिलने वाले रिटर्न को ही कर्मचारी को पेंशन के तौर पर केंद्र सरकार प्रदान करती है। यदि सेवानिवृत्ति की तिथि पर कर्मचारी के खाते में कुल राशि 2 लाख रुपये या उससे कम है तो वह कर्मचारी अपने NPS खाते से पूरी राशि को निकाल सकता है।

मृत्यु होने पर

यदि किसी सरकारी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है उसके NPS खाते में संचित पेंशन राशि के कम-से-कम 80 प्रतिशत भाग का उपयोग Annuities खरीदने में करना पड़ता है और इन Annuities पर मिलने वाले रिटर्न को सरकारी कर्मचारी के पति/पत्नी को मासिक पेंशन के तौर पर प्रदान किया जाता है।

NPS खाते में संचित पेंशन के शेष राशि का भुगतान सरकारी कर्मचारी द्वारा नामित व्यक्ति या कानूनी हकदार को एकमुश्त रूप में कर दिया जाता है।

यदि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर उसके NPS खाते में कुल राशि 2 लाख रूपए या उससे कम है तो उसके द्वारा नामित व्यक्ति या कानूनी रूप से हकदार व्यक्ति सम्पूर्ण राशि को खाते से निकाल सकता है।

यदि कर्मचारी के परिवार के सदस्य Family Pension का चयन करते हैं तो NPS के तहत संचित पेंशन राशि को नोडल कार्यालय के बैंक खाते में transfer कर दिया जाता है। उसके बाद वह नोडल कार्यालय आगे की कार्यवाही करता है।

सामान्य स्थिति में समय से पहले निकासी

किसी कर्मचारी के साथ यह भी स्थिति हो सकती है कि वह सामान्य स्थिति में ही New Pension Scheme से बाहर निकलना चाहता हो।

ऐसी स्थिति में कर्मचारी को उसके NPS खाते में संचित पेंशन राशि का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही उसे एकमुश्त रूप में प्रदान किया जाता है।

शेष 80 प्रतिशत भाग का उपयोग कर्मचारी को मासिक पेंशन प्रदान करने हेतु Annuities खरीदने के लिए किया जाता है।

यदि कर्मचारी के त्यागपत्र की तिथि पर उसके NPS खाते में संचित कुल राशि 1 लाख रूपए या उससे कम है तो वह कर्मचारी संपूर्ण राशि की निकासी कर सकता है।

NPS Scheme in Hindi: निष्कर्ष

इस लेख में हमनें NPS Scheme in Hindi के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। हमनें बताया है कि NPS kya hai और इससे संबंधित प्रमुख नियम क्या हैं।

केंद्र सरकार द्वारा 2004 में शुरू की गई New Pension Scheme ना केवल एक पेंशन योजना है बल्कि एक निवेश योजना भी है। 1 जनवरी 2004 को और उसके बाद सरकारी नौकरी पाने वाले व्यक्ति के लिए यह नई पेंशन योजना में शामिल होना अनिवार्य है।

इस योजना के शुरुआत से अब तक केंद्र सरकार द्वारा अब तक कई बदलाव करके केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लाभ पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।

फिर भी सरकारी कर्मचारियों द्वारा इस योजना का विरोध किया जा रहा है। जिसका प्रमुख कारण है सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले पेंशन का बाजार के ऊपर निर्भर होना। New Pension Scheme में इस तरह के और भी कई नियम हैं जिसका विरोध सरकारी कर्मचारी कर रहे हैं।

आगे देखते हैं, सरकार इस नई पेंशन योजना में और कितना लचीलापन लेकर आएगी।

NPS Scheme in Hindi से संबंधित FAQs

किन परिस्थितियों से NPS से पैसे निकाल सकते हैं?

कोई कर्मचारी तीन परिस्थितियों में NPS से पैसे निकाल सकता है- सेवानिवृत्ति के समय, मृत्यु हो जाने पर dependent द्वारा या समय से पहले निकासी। लेकिन इन तीनों परिस्थितियों में NPS से पैसा निकालने की अलग-अलग शर्ते हैं। सेवानिवृत्ति पर 60 प्रतिशत, मृत्यु हो जाने या समय से पूर्व निकासी पर 20 प्रतिशत भाग ही निकाल सकते हैं।

NPS के क्या नुकसान हैं?

1. NPS कोई पेंशन योजना नहीं है, यह एक निवेश योजना है। इसलिए NPS के अंतर्गत कर्मचारियों को पेंशन या एन्युटी नहीं मिलेगी। 2. NPS से किसी भी स्थिति में कर्मचारी पूरा पैसा नहीं निकाल सकते हैं। सेवानिवृत्ति के समय कम-से-कम 40 प्रतिशत हिस्से को annuity में निवेश करना है। 3. NPS के अंतर्गत कोई निश्चित रिटर्न नहीं है और इसलिए यह बहुत लाभदायक नहीं है।

NPS के अंतर्गत Tier-1 और Tier-2 अकाउंट क्या होते हैं?

किसी भी कर्मचारी को अनिवार्य रूप से New Pension Scheme के तहत Tier-I खाता खुलवाना पड़ता है। इसमें निवेश की गई राशि निश्चित होती है। Tier-II खाता तभी खुलता है जब कर्मचारी का Tier-I खाता खुला हो। यह एक स्वैच्छिक बचत खाता है। अर्थात कोई भी सरकारी कर्मचारी यह खाता खुलवा सकता है और अपने इच्छानुसार राशि का निवेश कर सकता है।

NPS योजना में वार्षिकी (Annuity) क्या है?

सेवानिवृत्ति के बाद NPS में जमा कुल धन (Corpus) का 60 प्रतिशत एकमुश्त राशि के रूप में निकासी की जा सकती है और शेष 40 प्रतिशत का निवेश वार्षिकी (Annuity) खरीदने में करना पड़ता है। इस तरह NPS में वार्षिकी एक प्रकार का निवेश है जिसके लाभांश (dividend) का भुगतान ग्राहक को सेवानिवृत्ति के बाद और उसके बाद पति या पत्नी को नियमित आय के रूप में किया जाता है।

NPS में Annuity Schemes Service Provider कौन-कौन से हैं?

PFRDA के अंतर्गत निम्नलिखित Annuity Schemes Service Providers हैं-
SBI life insurance Co. Ltd.
Max life insurance Co. Ltd.
Canara HSBC oriental bank of commerce life insurance Co. Ltd.
HDFC life insurance Co. Ltd.
India first life insurance Co. Ltd.
ICICI prudential life insurance Co. Ltd.
Bajaj Allianz life insurance Co. Ltd. 
Kotak Mahindra life insurance Co. Ltd.
Star union Dai-Chi life insurance Co. Ltd.
Life insurance corporation of India
Tata AIA life insurance Co. Ltd.

New Pension Scheme कब से लागू हुई?

New Pension Scheme 1 जनवरी 2004 को लागू हुई।

एनपीएस में रिटायरमेंट के बाद कितना पैसा मिलेगा?

सेवानिवृत्ति के बाद NPS में जमा कुल धन (Corpus) का 60 प्रतिशत एकमुश्त राशि के रूप में निकासी की जा सकती है और शेष 40 प्रतिशत का निवेश वार्षिकी (Annuity) खरीदने में करना पड़ता है।

क्या सरकारी कर्मचारियों के लिए NPS अनिवार्य है?

1 जनवरी 2004 से सरकारी नौकरी में प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए NPS अनिवार्य है।

क्या मैं 60 साल बाद एनपीएस राशि निकाल सकता हूं?

हाँ, 60 साल के बाद आप NPS में जमा राशि निकाल सकते हैं। लेकिन आपको कुल जमा राशि का कम-से-कम 40 प्रतिशत भाग Annuities यानि वार्षिकी में निवेश करना पड़ेगा।

यदि यह लेख अच्छा लगा हो तो कृपया इसे शेयर करना ना भूलें।

Leave a Comment

SSC MTS and Havaldar Examination 2022 Notification SSC CGL 2022 प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी कैसे करें SSC CGL Executive Assistant Salary, Job Profile और Promotion SSC CGL 2022 की तैयारी कैसे करें