International Chess Day 2022- इतिहास और इसका महत्व

International Chess Day 2022 : आज पूरे विश्व में International Chess Day 2022 मनाया जा रहा है। 1924 में Federation Internationale des Echecs (FIDE) की स्थापना का सम्मान करने के लिए हर साल 20 जुलाई को International Chess Day के रूप में मनाया जाता है।

शतरंज ना केवल एक खेल है बल्कि इससे स्ट्रैटिजी बनाने की क्षमता में विकास होता है और साथ ही आपकी visual memory भी बढ़ती है। जैसा कि आपको पता होगा कि यह एक बोर्ड गेम है स्ट्रैटिजी पर आधारित होता है। इसीलिए इसे खेलने पर स्ट्रैटिजी बनाने की क्षमता में विकास होता है।  

International Chess Day के द्वारा ना केवल Federation Internationale des Echecs (FIDE) को सम्मान देना है बल्कि इससे लोगों के अंदर Chess खेलने के प्रति रुचि भी पैदा करना है।

International Chess Day का इतिहास

International Chess Day 2022- इतिहास और इसका महत्व
International Chess Day 2022

ऐसा माना जाता है कि इस खेल के खेलने की शुरुआत भारत में हुई थी। लगभग 1500 साल पहले “चतुरंगा” के नाम से एक खेल खेला जाता था। जो शतरंज की तरह ही होता था।

बाद में इस खेल का विस्तार हुआ और यह फारस देश में पहुँच गया और अरब शासन के छत्रछाया में यह और भी विकसित हुआ। वहाँ से होता हुआ यह खेल दक्षिणी यूरोप तक पहुँच गया।

इस तरह भारत का यह प्राचीन खेल विकसित होकर यूरोपीय देशों तक पहुंचा।

यूरोप में 15वीं शताब्दी के दौरान शतरंज के खेल का बहुत विकास हुआ और अपने वर्तमान रूप में पहुँच गया। 15वीं सदी के अंत तक यह एक आधुनिक खेल में बदल चुका था।  

जैसा कि आप देख सकते हैं कि इस समय शतरंज खेल के लिए विश्व स्तर पर कई प्रकार के टूर्नामेंट भी आयोजित किए जा रहे हैं। यहाँ तक पहुँचने में शतरंज ने कई बदलाव देखे हैं।

पहले इस खेल को खेलने के लिए कोई समय प्रणाली नहीं थी। बाद में 1861 में इस खेल में कई प्रकार के कुशल नियमों को जोड़ा गया और इसके साथ ही इसमें समय प्रणाली भी जोड़ा गया।  

Federation Internationale des Echecs (FIDE) की स्थापना

20 जुलाई, 1924 को पेरिस में आठवें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में विश्व शतरंज फाउंडेशन यानि Federation Internationale des Echecs (FIDE) की स्थापना की गई।

20 जुलाई, 1966 को Federation Internationale des Echecs (FIDE) की स्थापना के उपलक्ष्य में अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया गया। उसी समय यूनेस्को ने भी सुझाव दिया कि 20 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के रूप में नामित किया जाए।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर FIDE की तरह ही इस खेल को खेलने वाले देशों के भी अपने-अपने शतरंज संघ होते हैं। FIDE द्वारा इन विभिन्न राष्ट्रों के शतरंज संघों का प्रतिनिधित्व किया जाता है।

FIDE के पहले अध्यक्ष Alexander Rueb नामक एक डच वकील और राजनयिक थे। FIDE में विभिन्न देशों के 181 सदस्य संघ हैं।

FIDE का अपना कॉर्पोरेट कार्यालय है जो स्विट्जरलैंड के Lausanne में स्थित है। इस जगह पर कई खेल संगठनों का कार्यालय है और यहाँ अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) का भी कार्यालय है। इस तरह यह जगह खेल कार्यालयों के घर जैसा है।

FIDE ही अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओ को विनियमित करता है और इस खेल से जुड़े मानकों को तय करता है। यानि इस खेल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कराने की जिम्मेदारी FIDE की ही है। FIDE ही अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के लिए कई विषयों का चुनाव करता है और इससे जुड़े कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं के आयोजन की योजना भी बनाता है।

विश्व शतरंज फाउंडेशन साल में छह बार Elo ratings को संकलित और जारी करता है।

विश्व शतरंज में भारत के खिलाड़ी और ग्रैंडमास्टर्स

FIDE के अनुसार, भारत में 67 शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं। प्रथम भारतीय ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद हैं।

भारत से आने वाले शतरंज में 67वें और सबसे हालिया ग्रैंडमास्टर लियोन मेंडोंका हैं।

भारत के सबसे कम उम्र के जीएम गुकेश डी 12 साल, 7 महीने और 17 दिन के हैं। जून 2018 में, उन्होंने प्रग्नानाधा का स्थान लिया, जिन्होंने 12 साल और 10 महीने की उम्र में रिकॉर्ड बनाया था।

शतरंज एक सार्वभौमिक खेल है जो निष्पक्षता, समावेशिता और दूसरों के प्रति सम्मान को प्रोत्साहित करता है। इस संबंध में यह उल्लेखनीय है क्योंकि यह सहिष्णुता और अंतरराष्ट्रीय समझ के माहौल का समर्थन कर सकता है।

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