Insurance kya hota hai | what is Insurance in Hindi

Insurance kya hota hai– आजकल भागदौड़ की जिंदगी में हर एक व्यक्ति जोखिमों से घिरा हुआ है, चाहे वह शारीरिक हो या वित्तीय।

यदि कोई व्यक्ति रोजमर्रा के कामों के लिए घर से बाहर जाता है तो रोड पर किसी तरह के जोखिम का खतरा बना रहता है।

इसी तरह कोई व्यक्ति अपने व्यवसाय को लेकर जोखिमों से घिरा रहता है तो कोई व्यक्ति अपनी कुछ कीमती चीज के चोरी के जोखिम से घिरा रहता है।

इन्हीं जोखिमों को देखते हुए आजकल लगभग हर व्यक्ति insurance के बारे में सोच रहा है। क्योंकि insurance ही एकमात्र रास्ता है कि यदि किसी तरह का नुकसान होता है तो उसके पूरे हिस्से की या कुछ हिस्से की भरपाई तो हो ही जाएगी।

इस लेख में हमनें insurance के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध कराई हैं। साथ ही हमनें insurance के के कुछ प्रमुख प्रकार के बारे में भी बताया है।

तो सबसे पहले हम यह जानेंगे कि insurance kya hota hai.


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Insurance kya hota hai- परिभाषा

बीमा (Insurance) व्यक्ति या संस्था और किसी बीमा प्रदाता कंपनी के बीच एक कानूनी अनुबंध (legal contract) है जिसमें व्यक्ति या संस्था को होने वाले नुकसान के खिलाफ बीमा कंपनी उन्हें वित्तीय सुरक्षा या प्रतिपूर्ति प्रदान करती है।

यह बीमा व्यक्ति या संस्था को कुछ शर्तों और परिस्थितियों के अंतर्गत बीमा योजना (Policy) के माध्यम से बीमा कंपनी प्रदान करती है I

साधारण शब्दों में कहें तो बीमा एक जोखिम प्रबंधन तंत्र (Risk Management Mechanism) है जिसमें बीमित व्यक्ति या संस्था प्रीमियम भुगतान के माध्यम से भविष्य में होने वाले अपने संभावित नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी किसी बीमा कंपनी पर डाल देते हैं I

उदाहरणस्वरुप – आपने किसी बीमा कंपनी से स्वयं का या किसी वस्तु का बीमा करवाया है और बीमा पॉलिसी में हुए अनुबंध के अनुसार आप एक निश्चित समयांतराल पर कुछ राशि प्रीमियम के रूप में भुगतान कर रहे हैं तो भविष्य में कभी भी उस बीमित वस्तु या स्वयं के नुकसान होने पर उस नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करेगी I

Insurance कैसे काम करता है?

यह पहले ही बताया जा चुका है कि बीमित व्यक्ति या संस्था द्वारा बीमा पॉलिसी के अंतर्गत एक निश्चित समयांतराल पर कुछ राशि प्रीमियम के रूप में बीमा कंपनी को भुगतान किया जाता है I

बीमा कंपनियां इन व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा इस तरह से भुगतान किए गए धन को एकत्रित करती हैं और फिर किसी अन्य बीमित व्यक्ति या संस्था को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए इस एकत्रित धन का उपयोग करती हैं।

Insurance kya hota hai- Types of Insurance:-

बीमा को हम मुख्यतया दो श्रेणियों में विभाजित कर सकते हैं –

  1. जीवन बीमा ( Life Insurance)
  2. साधारण बीमा (General Insurance)

जीवन बीमा ( Life Insurance):-

Insurance kya hota hai
Life Insurance

नाम से ही स्पष्ट है कि इस बीमा के अंतर्गत कोई व्यक्ति अपने जीवन का बीमा करवाता है जिसमें बीमा कंपनी उस बीमित व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में बीमित व्यक्ति द्वारा नामित लाभार्थी (Nominated beneficiary) को एक राशि, जिसे Sum Assured कहते हैं, का भुगतान करने का वादा करती है।

इसे एक आसान भाषा में समझते हैं – कोई व्यक्ति जिसने अपने जीवन का बीमा करवाया है वह व्यक्ति बीमा पॉलिसी के नियम और शर्तों के अंतर्गत एक निश्चित समयांतराल पर प्रीमियम का भुगतान कर रहा होता है I

यदि उस व्यक्ति की बीमा अवधि के दौरान किसी कारणवश मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा नामित लाभार्थी को बीमा कंपनी एक निश्चित राशि का भुगतान करती है I

जीवन बीमा योजना एक विशिष्ट अवधि के लिए ही कवरेज प्रदान करती है।

जीवन बीमा के प्रकार / Types of life insurance:-

जीवन बीमा को हम मुख्यतया दो भागों में बाँट सकते हैं –

  1. Pure life insurance
  2. Insurance cum investment

Term Insurance plan:-

यह जीवन बीमा का सबसे शुद्ध और Basic plan है। अर्थात इसमें केवल जीवन का बीमा ही होता है, कोई बचत या निवेश नहीं किया जा सकता है I

कोई व्यक्ति इस प्लान को एक निश्चित अवधि जैसे कि 10, 15 या 20 वर्षों के लिए खरीद सकता है I यदि इस निश्चित अवधि के अन्दर उस बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो बीमा कंपनी उसके परिवार को बीमा पॉलिसी में पहले से तय राशि(sum assured) को एकमुश्त राशि (lump sum amount) के रूप में उपलब्ध करवाती है I इस एकमुश्त राशि के अलावा और कोई भी राशि उसके परिवार को नहीं मिलेगा I

इस बीमा योजना के तहत बीमित व्यक्ति एक निश्चित समयांतराल पर कुछ राशि प्रीमियम के तौर पर बीमा कंपनी को भुगतान करता है I

मान लीजिये उस व्यक्ति ने यह बीमा योजना 10 वर्षों की अवधि के लिए लिया है तो उसे 10 वर्ष तक प्रीमियम का भुगतान करना पड़ेगा I यदि इस बीमा अवधि यानि कि 10 वर्षों के अन्दर उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को एक एकमुश्त राशि (lump sum amount) बीमा कंपनी के द्वारा उपलब्ध करवाया जाता है।

दूसरी तरफ यदि इस बीमा अवधि के दौरान उस व्यक्ति की मृत्यु नहीं होती है और बीमा अवधि भी पूरी हो जाती है तो प्रीमियम के तौर पर भुगतान किये गए कुल राशि का एक भी पैसा उस व्यक्ति को नहीं मिलता है।

स्पष्टतः इस योजना के अंतर्गत ना ही बचत किया जा सकता है और ना ही किसी प्रकार का निवेश किया जा सकता है I इसलिए इसका प्रीमियम अन्य बीमा योजनाओं की तुलना में बहुत ही कम होता है।

Whole life insurance plan:-

Whole life insurance यानि संपूर्ण जीवन बीमा जो नाम से ही स्पष्ट है कि यह बीमा बीमित व्यक्ति के पूरे जीवन के लिए Coverage प्रदान करता है बशर्ते कि वह समय से प्रीमियम का भुगतान करता रहे I

इस योजना में किसी व्यक्ति की अधिकतम आयु सीमा 100 साल तक मानी गयी है।

यदि बीमित व्यक्ति की पॉलिसी की अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है तो बीमा कंपनी उस व्यक्ति द्वारा नामित व्यक्ति को Sum assured प्रदान करती है और यदि वह व्यक्ति 100 साल की उम्र तक जीवित रह जाता है तो वह राशि उसी व्यक्ति को प्रदान की जाती है I

संपूर्ण जीवन बीमा लाभांश(dividends) के आधार पर दो तरह के होते हैं-

A. Non-participating whole life insurance-

इस योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार का लाभांश बीमित व्यक्ति को प्राप्त नहीं होता है I इसकी एक निश्चित प्रीमियम राशि होती है और अन्य की तुलना में कम होती है I

B. Participating whole life insurance-

इसमें बीमित व्यक्ति को लाभांश प्राप्त होता है I इसके अंतर्गत प्रीमियम राशि का कुछ हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया जाता है I इसलिए लाभांश प्राप्त होगा या नहीं यह बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करता है I

प्रीमियम भुगतान के आधार पर सम्पूर्ण जीवन बीमा चार तरह के होते हैं –

A. Level Premium Whole Life Insurance-

इस बीमा योजना के अंतर्गत बीमित व्यक्ति जीवन भर एक निश्चित राशि प्रीमियम के तौर पर भुगतान करता है I इसलिए इसके प्रीमियम की दर बहुत कम होती है I

B. Limited Payment Whole Life Insurance:

इसके अंतर्गत बीमित व्यक्ति एक निश्चित अवधि तक प्रीमियम का भुगतान करता है लेकिन उसे बीमा कंपनी द्वारा पूरे जीवन का कवरेज प्रदान किया जाता है I चूँकि इस योजना में प्रीमियम का भुगतान एक निश्चित समय के लिए किया जाता है इसलिए इसकी प्रीमियम राशि की दर बहुत ऊँची होती है I

C. Single Premium Whole Life Insurance:

इसके अंतर्गत बीमित व्यक्ति एक ही बार में पूरी राशि एकमुश्त (lump sum) भुगतान कर देता है और उसे भीबीमा कंपनी द्वारा पूरे जीवन का कवरेज प्रदान किया जाता है I

D. Indeterminate Premium Whole Life Insurance:

इस बीमा योजना के अंतर्गत बीमित व्यक्ति के पास इसका विकल्प रहता है कि वह प्रत्येक महीने समान प्रीमियम का भुगतान ना करके अलग-अलग प्रीमियम का भुगतान कर सकता है I

यह बीमा कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, उसकी लागत और मृत्यु दर पर निर्भर करता है I

यदि बीमा कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और वह कम-से-कम दावों(claims) का सामना कर रही है तो बीमाधारक कम प्रीमियम का भी भुगतान कर सकता है I

इसके विपरीत स्थिति में बीमाधारक को अधिक प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है लेकिन यह पॉलिसी में तय प्रीमियम से अधिक नहीं हो सकता है I

कोई बीमित व्यक्ति किसी निश्चित जैसे कि 20 वर्षों के लिए सम्पूर्ण जीवन बीमा खरीदता है और वह समय से प्रीमियम भी भुगतान कर रहा है तो वह बीमा अवधि यानि 20 वर्ष पूरा होने के बाद भी बीमा राशि के लिए दावा नहीं कर सकता है I

उसे बीमा राशि तभी मिलेगी जब वह मैच्योरिटी आयु (100 वर्ष) पूरी कर लेता है और यदि उसकी मैच्योरिटी आयु के पहले मृत्यु हो जाती है तो बीमा राशि उसके द्वारा नामित लाभार्थी को मिलेगी I

Money Back life insurance plan:-

इस बीमा योजना के अंतर्गत बीमाधारक को बीमा पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमा में सुनिश्चित की गयी राशि (sum assured) का एक निश्चित प्रतिशत बीमा कंपनी द्वारा कई बार प्रदान किया जाता है।

यह बीमा खरीदने के समय ही बीमा कंपनी और बीमाधारक के बीच तय हो जाता है कि कितने समयांतराल पर और sum assured का कितना प्रतिशत money back के तौर पर उसे प्राप्त होगा।

यदि बीमित व्यक्ति पॉलिसी की अवधि पूरी होने तक जीवित रहता है, तो उसे money back के तौर पर पहले से भुगतान की गई राशि के अलावा बीमित राशि भी प्राप्त होती है।

यदि पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो बीमित व्यक्ति द्वारा नामित लाभार्थी को पूर्ण बीमा राशि प्राप्त हो जाती है।

Endowment insurance plan:-

यह भारत में सबसे ज्यादा प्रचलित और परम्परागत बीमा योजना है I इसमें बचत और बीमा कवरेज दोनों का लाभ प्राप्त होता है I

इस पॉलिसी को एक तय समय सीमा तक के लिए ही खरीदा जाता है I यह तय समय सीमा यानि कि बीमा अवधि 10, 15 या 20 साल हो सकती है I कोई व्यक्ति किसी भी बीमा अवधि के लिए यह पॉलिसी खरीद सकता है I

बीमा योजना अवधि के दौरान यदि बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा नामित लाभार्थी को बीमा की एक सुनिश्चित राशि(sum assured) प्राप्त होती है और यदि कोई बोनस है तो वह भी मिलता है I

अगर बीमाधारक बीमा योजना की अवधि पूरी हो जाने तक जीवित रह जाता है अर्थात बीमा के परिपक्वता पर उसे एक सुनिश्चित राशि(sum assured) प्राप्त होती है और यदि कोई बोनस है तो वह भी मिलता है I

इस बीमा योजना को ऐसे लोग पसंद करते हैं जिनकी महीने की एक सुनिश्चित कमाई होती रहती है और जो नियमित रूप से कुछ बचत करना चाहते हैं I ये लोग एक लम्बी अवधि के बाद एक अच्छी खासी रिटर्न की उम्मीद रखते हैं I

Unit Linked Insurance Plan:-

इस बीमा योजना में बीमा और निवेश दोनों का लाभ प्राप्त होता है।

इसमें बीमाधारक द्वारा भुगतान किये गए कुल प्रीमियम को दो भागों में विभाजित कर दिया जाता है –एक भाग का उपयोगबीमा के लिए किया जाता है और दूसरे भाग को बाज़ार में निवेश कर दिया जाता है, जैसे कि bonds, funds या stocks में I अर्थात कुछ भाग units खरीदने के लिए और कुछ भाग insurance के लिए (units + insurance). 

इस तरह बीमाधारक को इस बीमा योजना से दो तरह से लाभ मिल जाता है I एक तरफ उसको insurance cover मिल जाता है और दूसरी तरफ बाजार में निवेश किये गए धन पर लाभ मिल जाता है I

इस बीमा योजना को खरीदने से पहले बीमाधारक को कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है- जैसे – 1. चूँकि इसका एक भाग बाजार में निवेश किया जाता है तो बीमाधारक को बाजार जोखिमों को स्वयं बर्दाश्त करना पड़ता है I  2. इसमें बीमाधारक को कुछ अतिरिक्त शुल्क भी देने पड़ते हैं जैसे –Fund management charge, allocation charge इत्यादि I

इसमें बीमाधारक को इस बात की छूट रहती है कि बाजार में हो रहे उतार-चढ़ाव के अनुसार वह अपने निवेश को कभी भीDebt से Equity में या Equity से Debt में बदल सकता है I

इस बीमा योजना का lock-in period 5 वर्ष है I 5 वर्ष से पहले यदि बीमाधारक पॉलिसी Surrender करता है तो उसे Fund value में से कुछ जरुरी शुल्क काटकरlock-in period के बाद Surrender value लौटा दिया जाता है I यदि बीमाधारक lock-in period के बाद पॉलिसी Surrender करता है तो उसे Fund value लौटा दिया जाता है I

यदि बीमा योजना की अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा नामित लाभार्थी को Sum assured या Fund value जो भी अधिक हो वह बीमा कंपनी द्वारा मिल जाता है I

दूसरी तरफ यदि बीमाधारक जीवित रहता है और बीमा की परिपक्वता हो जाती है तो बीमाधारक को Fund value बीमा कंपनी द्वारा मिल जाता है I

Child plan:-

कोई व्यक्ति अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस तरह की बीमा योजना खरीदता है I इन बीमा योजनाओं में सामान्यतया निवेश और बीमा दोनों तरह के लाभ प्राप्त होते हैं I

बीमाधारक भविष्य में अपने बच्चों के सही उम्र और जरूरतों के अनुसार जैसे कि उच्च शिक्षा के लिए इस बीमा योजना से प्राप्त लाभ का प्रयोग कर सकता है I

इस बीमा योजना में निवेश करने के लिए बच्चे की कोई उम्र तय नहीं की गयी है I इसलिए बच्चे के जन्म के बाद ही निवेश किया जा सकता है और जब बच्चा एक निश्चित आयु तक पहुंच जाता है तो पैसा निकाला जा सकता है।

Retirement plan:-

इसे Annuity(वार्षिकी) plan या Pension plan भी कहते हैं I भारत में कई तरह की पेंशन योजनायें हैं जैसे – Deferred annuity, Immediate annuity, Annuity certain, Guaranteed period annuity, Life annuity, With cover and without cover pension plans, National pension scheme, Pension funds, Whole life ULIP.

इनमें से जो सबसे अधिक प्रचलित हैं वे हैं – Deferred annuity और Immediate annuity.

A. Deferred annuity-

इस पेंशन योजना के अंतर्गत कोई व्यक्ति बीमा अवधि के दौरान नियमित रूप से या एक ही बार में प्रीमियम का भुगतान कर सकता है I

इस तरह यह पेंशन योजना उन व्यक्तियों के लिए भी सही है जो नियमित रूप से निवेश करना चाहते है और उनके लिए भी जिनके पास एक बार में निवेश करने के लिए एकमुश्त राशि होती है I

जब बीमा की अवधि समाप्त हो जाती है तो बीमाधारक को एक निश्चित रकम पेंशन के रूप में मिलने लगती है I इस योजना में निवेशित राशि को किसी भी परिस्थिति में निकाला नहीं जा सकता है I

B. Immediate annuity-

इस पेंशन योजना के अंतर्गत बीमाधारक को एक एकमुश्त राशि(lump-sum amount) का भुगतान करना पड़ता है I भुगतान की गयी इस एकमुश्त राशि के आधार पर बीमाधारक को तत्काल ही पेंशन मिलने लगता है I

यदि बीमा अवधि के दौरान बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो उसके द्वारा नामित लाभार्थी को पेंशन की राशि मिलने लगती है I

साधारण बीमा / General Insurance:-

जीवन बीमा को छोड़कर अन्य बीमाओं को साधारण बीमा के अंतर्गत रखा जाता है I जैसे- वाहन बीमा, घर का बीमा, स्वास्थ्य बीमा, यात्रा बीमा, पशु बीमा, फसल बीमा इत्यादि I

इस बीमा के अंतर्गत बीमा कंपनी बीमित वस्तुओं की किसी प्रकार की क्षति, उनकी चोरी, अस्वस्थता के समय मेडिकल क्लेम आदि के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है

इसमें जीवन में किसी भी प्रकार की हुई क्षति(जैसे कि मृत्यु) को शामिल नहीं किया जाता है I

साधारण बीमा का विषय बहुत ही व्यापक है क्योंकि इसके अंतर्गत स्वास्थ्य के अलावा जीवन से जुड़ी अधिकतर वस्तुओं को समाहित किया जा सकता है I इसलिए हम यहाँ कुछ प्रमुख और प्रचलित साधारण बीमाओं का ही उल्लेख करेंगे I

साधारण बीमा के प्रकार / Types of General Insurance :-

स्वास्थ्य बीमा / Health insurance policy:- 

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Health insurance

Health insurance policy को भारत में आमतौर पर मेडिक्लेम के नाम से जाना जाता है I

इस बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनी बीमाधारक को किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति के समय ईलाज पर हुए सभी खर्चो का भुगतान करती है I

चिकित्सा आपात स्थिति में इस तरह से आर्थिक सहायता मिलने के कारण बीमाधारक निश्चिंत होकर अपना ईलाज करवा सकता है I

इसकी एक और विशेषता यह होती है कि यह आर्थिक सहायता नगदी रहित (Cashless) होती है।

स्वास्थ्य बीमा के प्रकार-

भारत में स्वास्थ्य बीमा के कई प्रकार हैं जिनमें से निम्नलिखित प्रमुख हैं –

A. Individual Health insurance policy:-

नाम से ही स्पष्ट है कि यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा योजना है जो किसी एक व्यक्ति को शामिल करता है I अर्थात किसी व्यक्ति के अस्पताल में भर्ती होने से लेकर उपचार, सर्जरी आदि में हुए खर्चे को बीमा कंपनी वहन करती है I

इस बीमा योजना में लचीलापन होने के कारण बीमित व्यक्ति अपने घर के अन्य सदस्यों को भी इसमें शामिल कर सकता है बशर्ते उनके लिए भी अलग प्रीमियम का भुगतान करना पड़ेगा I बीमा में शामिल अन्य सदस्य भी अपना अलग-अलग क्लेम कर सकते हैं I

B. Family floater plans:-

इस स्वास्थ्य बीमा के अंतर्गत कोई व्यक्ति बीमा योजना अपने परिवार के सभी सदस्यों के लिए खरीद सकता है। इसमें Sum assured को परिवार के सभी सदस्यों के बीच समान रूप से बाँट दिया जाता है I

यह देखने में व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा के समान लगता है परन्तु इस योजना के प्रीमियम की राशि उसकी तुलना में कम होती है I

C. Group Medical Plans:-

यह स्वास्थ्य योजना लगभगFamily floater योजना के समान ही है I

जहाँ Family floater योजना में शामिल सदस्य एक ही परिवार के होने चाहिए वहीं इस योजना में नामांकित लोगों को एक दूसरे से संबंधित होने की आवश्यकता नहीं है।

इसीलिए अक्सर इस योजना को व्यवसायियों द्वारा अपने कर्मचारियों को आपात चिकित्सा के समय वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए चुना जाता है।

इस योजना के अंतर्गत ना केवल कर्मचारी बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी चिकित्सा उपचार का लाभ उठा सकते हैं।

D. Critical Illness plans:-

इस स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनी किसी गंभीर बीमारी के निदान के लिए वित्तीय मदद प्रदान करती है। ईलाज के समय बीमा कंपनी पहले से तय राशि बीमाधारक को उपलब्ध कराती है I

इस योजना के तहत सामान्यतया शामिल गंभीर बीमारियां हैं-

a. Cancer

b. Stroke

c.  Major Organ transplant

d. Primary pulmonary arterial hypertension

e. Aorta graft surgery

f. Heart attack

g. Multiple Sclerosis

h. Coronary artery Bypass surgery

i. Paralysis

j. Kidney failure

E. Unit Linked Health Plan:-

यह बीमा योजना life insurance में ULIP की तरह ही है अर्थात इस स्वास्थ्य बीमा योजना में दोहरे लाभ मिलते हैं – स्वास्थ्य बीमा लाभ के साथ-साथ निवेश लाभ भी।

इसमें प्रीमियम के एक भाग को स्टॉक बाजार में निवेश किया जाता है तो एक भाग से स्वास्थ्य बीमा को कवर किया जाता है Iइस तरह यह स्वाभाविक है कि इस योजना में जो रिटर्न मिलता है वह बाजार के परिस्थितियों पर निर्भर करता है I

वर्तमान जीवन शैली को देखते हुए स्वास्थ्य बीमा लगभग सभी के लिए अनिवार्य हो चुका है और इसे खरीदने वालों की संख्या भी बढ़ती जा रही है I

यह इसलिए भी जरुरी हो गया है कि चिकित्सा आपात की स्थिति में मध्यमवर्गीय परिवार द्वारा अस्पताल के भारी खर्चों को वहन करना मुश्किल होता है I

इसलिए कोई भी स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदते समय सावधानी से उसका चुनाव करें I अन्यथा जरुरत के समय आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है I

लगभग सभी बीमा कंपनियां कुछ बिमारियों को पॉलिसी के अंतर्गत कवर नहीं करती हैं, जैसे –

  1. पहले से ही शरीर में उपस्थित कोई बीमारी जैसे- मोतियाबिंद, किडनी की पथरी, आर्थराइटिस, जोड़ो का ईलाज इत्यादि I इसके लिए बीमा कंपनियां 2 से 4 साल तक प्रतीक्षा करती हैं और यदि सहमत हो जाती हैं तो इन बिमारियों को कवर करती हैं I

  2. लगभाग सभी बीमा योजनाओं का लाभ बीमा खरीदने के तुरंत बाद नहीं लिया जा सकता I इसके लिए 1 से 2 महीने की प्रतीक्षा अवधि(Waiting period) होती  है I लेकिन किसी दुर्घटना या पॉलिसी धारक की मृत्यु के लिए यह अपवाद है।

  3. प्रसव से संबंधित उपचार और चिकित्सा प्रक्रिया को आपके द्वारा खरीदे गए स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कंपनी ने रखा है या नहीं इसको भी पॉलिसी खरीदते समय जरुर जाँच लें I

  4. कुछ सर्जरी जैसे Joint replacement, Cosmetic surgery, Dental surgery इत्यादि को भी बीमा कंपनिया अक्सर बीमा योजना में शामिल नहीं करती हैं I

  5. एलोपैथी चिकित्सा को छोड़कर अन्य चिकित्सा पद्धति जैसे होम्योपैथी , आयुर्वेदिक आदि को भी बीमा कंपनिया अपनी पॉलिसी में शामिल नहीं करती हैं I

वाहन बीमा / Motor Insurance:-

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Motor Insurance

भारत में किसी भी तरह के वाहन, चाहे वह व्यक्तिगत प्रयोग के लिए हो या व्यावसायिक प्रयोग के लिए, उसका बीमा करवाना कानूनन अनिवार्य है I

इस बीमा के अंतर्गत बीमा कंपनियां किसी दुर्घटना, चोरी, आग या प्राकृतिक आपदाओं द्वारा आपके वाहन को होने वाले किसी भी नुकसान के लिएवित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं I

वाहन बीमा के प्रकार:-

A. Third party insurance-

जब कोई बीमित वाहन द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को चोट लग जाती है या किसी अन्य वाहन या संपत्ति को किसी तरह का नुकसान हो जाता है तो इसकी भरपाई बीमा कंपनी Third Party Insurance के तहत करती है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बीमा किसी वाहन के लिए कितना जरुरी है I

B. Comprehensive Insurance-

इसके अंतर्गत बीमित वाहन द्वारा किसी अन्य व्यक्ति (third-party) को हुए नुकसान के साथ-साथ वाहन मालिक के स्वयं के हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी करती है I

भारत में जहाँComprehensive Insurance वैकल्पिक है वहीं Third party insurance अनिवार्य है।

यात्रा बीमा / Travel insurance:-

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Travel insurance

इस बीमा योजना के अंतर्गत देश या देश के बाहरकी यात्रा के दौरान होने वाले किसी नुकसान के बदले बीमा कंपनी मुआवजा देती है I

सामान्यतया इस बीमा योजना के तहत यात्रा के दौरान सामान खो जाना, चिकित्सा आपात स्थिति, पासपोर्ट का खो जाना, किसी उड़ान का विलम्ब हो जाना, किसी यात्रा का रद्द हो जाना, जहाज अपहरण के समय किसी तरह के संकट से नुकसान होना आदि को शामिल किया जाता है I

गृह बीमा / Home Insurance:-

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Home Insurance

इसके अंतर्गत प्रमुखतः दो तरह से Home Insurance करवाया जाता है- पहला Building structure के लिए और दूसरा घर के कीमती सामान के लिए।

पहले प्रकार में यदि किसी प्राकृतिक आपदा, मानव निर्मित आपदा या अन्य खतरों के कारण घर के बनावट में कोई नुकसान होता है तो उसको फिर से बनवाने के लिए होने वाले खर्चे की अधिकांश भरपाई बीमा कंपनी करती है।

दूसरे प्रकार में घर के कीमती सामानों का बीमा करवाया जाता है I यदि इन सामानों को किसी कारणवश जैसे कि आगजनी, चोरी और सेंधमारी से आर्थिक नुकसान पहुँचाता है तो इसकी भरपाई बीमा कंपनी करती है।

उपरोक्त वर्णित बीमाओं के अलावा और भी कई बीमायें हैं जो साधारण बीमा के अंतर्गत आती हैं, जैसे कि शिक्षा बीमा, फसल बीमा, कारोबार उत्तरदायित्व बीमा, समुद्री बीमा(Marine insurance), व्यवसाय बीमा, अग्नि बीमा(Fire insurance), पालतू जानवरों का बीमा आदि I

निष्कर्ष:

इस लेख के माध्यम से आपको यह जानकारी मिली कि बीमा क्या होता है और यह कितने प्रकार का होता है I इस लेख में इन सभी प्रकार की बीमाओं का विस्तृत वर्णन किया गया है I

उपरोक्त जानकारी से यह स्पष्ट हो गया है कि बीमा हमारे जीवन के लिए कितना जरुरी है I यह जरुरत पड़ने पर हमारे लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है I

यह उस परिवार के लिए और भी जरुरी हो जाता है जिसमें कोई एक व्यक्ति ही घर के खर्चों का बोझ उठाता है I

इसलिए किसी भी बीमा योजना को खरीदते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि क्या यह जरुरत पड़ने पर उचित तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान करेगा या नहीं I

बाजार में आजकल कई बीमा कंपनियां बीमा योजनायें बेच रही हैं लेकिन ये आपके लिए कितनी सही हैं ये आपको ध्यान रखना पड़ेगा I

हमें उम्मीद है कि यह लेख आपलोगों को अवश्य पसंद आया होगा I यदि हाँ तो कृपया कमेंट करके जरुर बताएं और शेयर करना ना भूलें I

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