E Commerce in Hindi | Career in E Commerce

आजकल E Commerce का विस्तार होता जा रहा है और इसीलिए Career in E Commerce की भी बहुत अच्छी संभावनाएं हैं।

तकनीक और इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण बहुत सारी कंपनियां E Commerce के क्षेत्र में आ रही हैं। जिसके कारण E Commerce में करियर के भी द्वार खुलते जा रहे हैं।

इस लेख में हमने यह बताया है कि E Commerce के क्षेत्र में कौन-कौन से करियर के विकल्प (Career in E Commerce) हैं।

लेकिन सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि E Commerce होता क्या है (Meaning of E Commerce in Hindi)

E Commerce क्या होता है / What is E Commerce in Hindi

E Commerce Full Form होता है- Electronic Commerce

यहाँ Commerce का मतलब किसी विषय (subject) से नहीं है। बल्कि इसका अर्थ है- कमर्शियल गतिविधियां।

यानि कि ऐसी कमर्शियल गतिविधियां जो इंटरनेट का उपयोग करके ऑनलाइन की जाती हों उन्हें E Commerce कहते हैं। इन कमर्शियल गतिविधियों के अंतर्गत इंटरनेट के माध्यम से सामानों की खरीद / बिक्री करना, मुद्रा का लेनदेन करना, सेवाओं की खरीद / बिक्री करना आदि आते हैं।

इन कमर्शियल गतिविधियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म हैं- Flipkart, Amazon, Paytm, Myntra, Alibaba, eBay, Shopify, Walmart etc.

इस तरह E Commerce का मतलब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सामानों और सेवाओं की खरीद और बिक्री। इसमें एक तरफ एक विक्रेता होता है जो किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का प्रयोग करके सामान या सेवा बेच रहा है और दूसरी तरफ customers होते हैं जो उन सामानों या सेवाओं के बदले ऑनलाइन पेमेंट करते हैं।

यदि आपने भी ऑनलाइन सामानों या सेवाओं की खरीदारी की है तो आपने भी E Commerce का उपयोग किया है।

E-Commerce में करिअर / Career in E Commerce

E commerce के क्षेत्र में बहुत तेजी से विस्तार हो रहा है और इसलिए यह बहुत बड़े स्तर पर लोगों की जरूरत पड़ेगी।

भारत में भी E-Commerce क्षेत्र तेजी से वृद्धि कर रहा है जिसके कारण यहाँ भी जॉब मिलने की संभावना बढ़ती जा रही है। इस क्षेत्र में कभी भी कमी के संकेत नहीं दिखे हैं। इस देश में कुछ ऐसे शहर हैं जहां e commerce में job opportunities अधिक हैं। इन शहरों में प्रमुख हैं- Bangalore, Mumbai, Delhi, Kolkata, Hyderabad

जिन छात्रों ने अपनी डिग्री पूरी कर ली है, वे इन शहरों में विभिन्न ई-कॉमर्स क्षेत्रों में जा सकते हैं। यहाँ e commerce के क्षेत्र में मुख्य रूप Software Solution Firms, Online Auction Services, Business Process Outsourcing, E-Business Solutions Companies जैसे जगहों पर काम मिलने की संभावना अधिक रहती है।

इन कॉम्पनियों में कई तरह के पोस्ट होते हैं और आपके काम के अनुभव तथा डिग्री के आधार पर उन posts पर आपको जॉब मिल सकती है। इनमें जो प्रमुख पोस्ट्स हैं, वे हैं- Customer Relation Manager, Project Manager, E-Business Consultant, Database Administrator, Business Analyst, Supply Chain Manager आदि।

E commerce के क्षेत्र में काम करने के बाद जब अच्छा ज्ञान और अनुभव हो जाता है तो आप अपना खुद का कोई e commerce फर्म खोल सकते हैं। यानि आप एक entrepreneur की तरह काम कर सकते हैं और कुछ लोगों को काम पर भी रख सकते हैं। हाल के कुछ सालों में इस तरह के कई entrepreneurs ने e-commerce के क्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल की है।

e-commerce क्षेत्र में सैलरी

भारत में ई-कॉमर्स क्षेत्र में Fresh recruits को औसतन 3 से 4 लाख सालाना सैलरी मिलने की उम्मीद रहती है। यह सैलरी पोस्ट के हिसाब से भी ऊपर-नीचे हो सकती है।

जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है सैलरी भी अच्छी खासी बढ़ जाती है। लगभग चार-पाँच साल के अनुभव के बाद औसतन सैलरी 5 लाख सालाना से ऊपर हो जाती है।

इस तरह आपका अच्छा skill, अच्छा अनुभव और बढ़िया educational डिग्री आपको अच्छी-खासी सैलरी दिलवा सकते हैं।

E-commerce में करिअर के लिए जरूरी स्किल-

  1. आपको इंटरनेट का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
  2. Website Designing का ज्ञान होना चाहिए
  3. E commerce से संबंधित कुछ जरूरी applications का ज्ञान होना चाहिए
  4. वेबसाईट बनाने वाले application (website creation applications), जैसे CorelDraw, Fireworks, Dreamweaver, Photoshop आदि का ज्ञान होना चाहिए।
  5. लिखने और communication का अच्छा स्किल होना चाहिए
  6. इनके अलावा e commerce क्षेत्र की अच्छी जानकारी हो तो यह आपके लिए और भी बढ़िया रहेगा।

Types of E Commerce in Hindi / ई-कॉमर्स के प्रकार

E Commerce की परिभाषा के अनुसार हम देखते हैं कि इसमें कोई एक सामान बेच रहा होता है तो कोई उसे खरीद रहा होता है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सामान या सेवा बेचने वाला हमेशा कोई Business प्लेटफॉर्म होगा और खरीदने वाला कोई Consumer होगा। यह लेनदेन Business और Business या Consumer और Consumer के बीच भी हो सकता है।

इस तरह लेनदेन यानि Transaction में शामिल Parties के आधार पर E Commerce मुख्यतया छह प्रकार के होते हैं। ये इस प्रकार हैं-

  • Business-to-Business (B2B)
  • Business-to-Consumer (B2C)
  • Consumer-to-Consumer (C2C)
  • Consumer-to-Business (C2B).
  • Business-to-Administration (B2A)
  • Consumer-to-Administration (C2A)

अब हम एक-एक करके इन सभी प्रकार के E Commerce के बारे में संक्षिप्त में जानकारी देंगे।

Business-to-Business (B2B)

Business-to-Business E Commerce का वह मॉडल है जिसमें दो या दो से अधिक व्यवसायों/कंपनियों के बीच उत्पादों, सेवाओं या सूचनाओं के इलेक्ट्रॉनिक आदान-प्रदान शामिल है।

आमतौर पर B2B मॉडल में निर्माता और पारंपरिक थोक व्यापारी शामिल होते हैं और फिर ये थोक व्यापारी आगे खुदरा व्यापारियों से डील करते हैं। यानि B2B मॉडल में किसी भी प्रकार से consumer शामिल नहीं होते हैं।
B2B E Commerce मॉडल के प्रमुख उदाहरण हैं- Amazon, Alibaba, IndiaMart, Trade India आदि।

Business-to-Consumer (B2C)

E Commerce के इस मॉडल में कोई कंपनी अपना सामान, सेवाएं या सूचनाएं सीधे Consumer यानि उपभोक्ता को बेचती है।

आजकल B2C E Commerce से संबंधित कई वेबसाइट्स हैं जहां Consumer अपने पसंदीदा उत्पाद को सर्च करते हैं और ऑर्डर कर देते हैं। उसके बाद वह कंपनी सीधे उस उपभोक्ता के पास उत्पाद भेज देती है।

इस समय सबसे लोकप्रिय B2C E Commerce के उदाहरण हैं- Amazon, Flipkart, Jabong, Myntra आदि।

Consumer-to-Consumer (C2C)

Consumer-to-Consumer E Commerce या C2C में केवल निजी व्यक्तियों या उपभोक्ताओं (Consumers) के बीच सामानों की ऑनलाइन खरीद-बिक्री की जाती है। इस मॉडल में एक उपभोक्ता दूसरे उपभोक्ता से सीधे संपर्क करता है। इनके बीच कोई कंपनी शामिल नहीं होती है। लेकिन एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म होता है जिसके माध्यम से ये दोनों उपभोक्ता एक दूसरे से जुडते हैं।

ये प्लेटफ़ॉर्म अपने उपयोगकर्ताओं को उत्पादों और सेवाओं की खरीद-बिक्री करने के लिए सुविधा प्रदान करते हैं। इसके बदले ये प्लेटफ़ॉर्म एक छोटा सा कमीशन प्राप्त करते हैं या कभी-कभी फ्री में भी सर्विस प्रदान करती हैं।

इस तरह के कुछ प्रसिद्ध प्लेटफॉर्म हैं – Olx, Quikr आदि।

Consumer-to-Business (C2B)

यह B2C के पारंपरिक वाणिज्य मॉडल के ठीक विपरीत है। इस प्रकार के ई-कॉमर्स में उपभोक्ता अपने उत्पादों और सेवाओं को कंपनियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराते हैं।

इस तरह यह e commerce का पारंपरिक मॉडल नहीं है। यहां कोई कंपनी जिस उपभोक्ता से उत्पाद या सेवा खरीद रही है तो यह जरूरी नहीं है कि वह उपभोक्ता अपने स्वयं के व्यवसाय का संचालन कर रहा हो।

इस e commerce मॉडल के सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण हैं- Freelance Websites

जैसा कि आपको पता होगा कि Freelance websites पर कोई भी व्यक्ति अपने Freelance work को बेच सकता है। यहाँ उसे clients उपलब्ध कराए जाते हैं। जैसे कोई IT Freelancer अपने किसी सॉफ्टवेयर को इन websites पर बेचता है और client के तौर पर कोई कंपनी इसे खरीदती है।

इसी तरह एक अन्य उदाहरण है – iStock वेबसाईट जहां कोई फोटोग्राफर अपने फोटो बेचता है।

E Commerce के फायदे और नुकसान / e commerce advantage and disadvantage in Hindi

ई-कॉमर्स के फायदे / Advantages of e Commerce in Hindi

1. वैश्विक बाजार तक पहुँच (Global Reach) : ई-कॉमर्स का मुख्य लाभ यह है कि यह ई-कॉमर्स विक्रेताओं को वैश्विक पहुंच प्रदान करता है और इसके लिए बहुत बड़े निवेश की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

इसमें यह जरूरी नहीं कि विक्रेता या खरीदार एक ही क्षेत्र, स्थान या देश के होने चाहिए। यानि e Commerce किसी भी भौगोलिक सीमाओं की बाधा को समाप्त कर देता है।

उदाहरण के लिए भारत में बैठा कोई व्यक्ति, किसी अन्य देश के व्यक्ति से कोई सॉफ्टवेयर या फोटो खरीदना चाहता है तो वह ऑनलाइन खरीद सकता है और यह e commerce से संभव है।

2) सामान की कम कीमत : e commerce के अंतर्गत सामान सीधे फाइनल consumer तक पहुँच जाते हैं यानि बीच के कई level पूरी तरह से हट जाते हैं। इससे कंपनियों को अन्य लोगों को पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ती है और ना ही किसी maintenance में खर्च करना पड़ता है।

इस तरह कंपनियां कम कीमत पर भी सामान बेचकर बढ़िया मुनाफा कमा लेती है और consumer को सस्ते में सामान भी मिल जाते हैं।

3) गुणवत्तापूर्ण सेवा मिलती है – e commerce के कारण आपूर्तिकर्ताओं और ग्राहकों के की दूरी कम हो जाती है। कई आपूर्तिकर्ता उन ग्राहकों से संपर्क करने की कोशिश करते हैं जिसके परिणामस्वरूप कंपनियों के लिए उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होती है। नतीजतन, उपभोक्ता को मिलने वाली गुणवत्तापूर्ण सेवा में सुधार के साथ लाभ होता है।

4) 24/7 उपलब्धता – e commerce के कारण अब उपभोक्ताओं के पास वर्चुअल स्टोर उपलब्ध हैं जो 24 घंटे खुले रहते हैं। इससे उपभोक्ता किसी भी समय ऑनलाइन सामान देख सकते हैं और खरीदारी कर सकते हैं।
5) त्वरित डिलीवरी- e commerce में ग्राहकों को सामान खरीदने में तो कम मेहनत लगती ही है साथ ही यह सामान की त्वरित डिलीवरी प्रदान करता है। ग्राहकों की शिकायतों को दूर करने के लिए भी e commerce कंपनियों के पास चौबीसों घंटे customer service उपलब्ध रहता है। इससे उपभोक्ताओं और कंपनी दोनों के लिए समय और ऊर्जा की बचत होती है।

ई-कॉमर्स के नुकसान / Disadvantages of E Commerce

1) Customer Service – e commerce में भले ही चौबीसों घंटे customer service उपलब्ध होती है लेकिन एक दुकान पर जब आप किसी क्लर्क या cashier से बात करते हैं तो अपनी बात अच्छे से रख पाते हैं। किसी-किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर customer executive तक पहुंचना भी आसान नहीं होता है।

2) Product Experience : वेबसाईट पर आप सामान के अच्छे फोटो तो देख सकते हैं और उनके specifications भी जान सकते हैं, लेकिन उन्हें छूकर अनुभव नहीं कर सकते हैं। इससे सामान के गुणवत्ता के बारे में जानना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। इसलिए बहुत सारे मामलों में customer को सामान मिलने के बाद वापस करने की जरूरत पड़ जाती है।

3) Security: जब आप ऑनलाइन खरीदारी करते हैं तो आपको अपनी कई पर्सनल डीटेल देनी होती है। यदि क्रेडिट या डेबिट कार्ड से भुगतान करते हैं तो उसके बारे में भी जानकारी देनी होती है। e commerce से संबंधित वेबसाईट पर हैकर की नजर रहती है और आपके पर्सनल इनफार्मेशन के चोरी होने का डर रहता है।

कभी-कभी customer भविष्य में आसानी के लिए अपने पर्सनल इनफार्मेशन को इन websites पर सेव कर देते हैं। हैकर इन्हें भी चुरा सकते हैं।

4) After Sale Service Support : e commerce वेबसाईट की यह सबसे बड़ी समस्या है कि सामान बेचने के बाद अच्छा सर्विस सपोर्ट नहीं देते हैं और कुछ मामलों में एकदम से नहीं देते हैं। ऐसे स्थिति में consumer को खरीदे गए सामान को कहीं और सही करवाना होता है। इससे उस consumer के पैसे और समय की बर्बादी होती है।

5) सामान मिलने में देरी या wait time : जब आप बाजार से सामान खरीदते हैं तो हाथ-के-हाथ सामान लेकर आते हैं या दुकानदार डेलीवेरी दे देता है। लेकिन अधिकतर e commerce websites सामान डिलिवर करने में कुछ दिनों का समय लेती हैं। कभी-कभी बुकिंग के समय दिए गए delivery slot में भी सामान नहीं मिलता है। इससे consumer को असुविधा तो होती ही है, कभी-कभी कोई जरूरी काम भी रुक जाता है।

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